Edited By Niyati Bhandari,Updated: 14 Aug, 2026 11:38 AM

Hariyali Teej 2026 Fasting Rules and Vrat Vidhi: जानें, साल 2026 में हरियाली तीज कब है और व्रत के दौरान सुहागिनों को किन गलतियों से बचना चाहिए। पढ़ें, अहम नियमों की जानकारी।
Hariyali Teej 2026: सावन का महीना शिव-शक्ति की भक्ति का महीना माना जाता है। इसी पावन माह में सुहागिनों का सबसे प्रिय त्योहार 'हरियाली तीज' आता है। साल 2026 में हरियाली तीज का पर्व 15 अगस्त को मनाया जाएगा। शास्त्रों के अनुसार, इसे मधुश्रवा तृतीया या छोटी तीज के नाम से भी जाना जाता है। इसी त्योहार के आगमन के साथ ही देश में बड़े त्योहारों जैसे रक्षाबंधन, जन्माष्टमी और नवरात्रि की शुरुआत हो जाती है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और घर की सुख-समृद्धि के लिए माता पार्वती और भगवान शिव की विशेष पूजा करती हैं। लेकिन मान्यता है कि यदि व्रत के दौरान कुछ नियमों का पालन न किया जाए, तो जीवन में शुभता के स्थान पर अशुभता का सामना करना पड़ सकता है।
Don'ts on Hariyali Teej हरियाली तीज पर क्या न करें
इन रंगों से बनाएं दूरी: शास्त्रों के अनुसार, हरियाली तीज के दिन सुहागिन महिलाओं को भूलकर भी काले, सफेद या भूरे रंग के कपड़े नहीं पहनने चाहिए। इन रंगों को शोक और दुःख का प्रतीक माना जाता है। इस दिन हरे रंग का विशेष महत्व है, जो खुशहाली दर्शाता है।
काले रंग की चूड़ियां हैं वर्जित: इस दिन श्रृंगार में काले रंग की चूड़ियों का उपयोग न करें। खुशियों के प्रतीक के रूप में हरे रंग की चूड़ियां पहनना उत्तम होता है।
व्यवहार पर रखें संयम: व्रत रखने वाली महिलाओं को इस दिन क्रोध करने से बचना चाहिए। किसी के प्रति भी अपशब्दों का प्रयोग न करें, अन्यथा व्रत का आध्यात्मिक लाभ प्राप्त नहीं होता।
खान-पान और दिनचर्या: हरियाली तीज के दिन तामसिक भोजन जैसे लहसुन, प्याज, मांस और मदिरा का सेवन पूरी तरह वर्जित है। साथ ही, व्रत के दिन दोपहर में सोने से बचना चाहिए और अपना समय भगवान शिव और मां पार्वती के भजन-कीर्तन में लगाना चाहिए।
पारण का सही समय: व्रत का फल तभी मिलता है जब उसका पारण सही मुहूर्त में किया जाए। मुहूर्त से बहुत पहले या बाद में व्रत खोलना अनुचित माना जाता है।

मायके का मान और पूजा सामग्री
परंपरा के अनुसार, तीज से एक दिन पहले विवाहित लड़कियों के मायके से श्रृंगार, कपड़े, फल और मिठाई भेजी जाती है। पूजा के समय महिलाओं को मायके (पीहर) से आई सामग्री का ही उपयोग करना चाहिए, इससे पारिवारिक रिश्तों में मधुरता आती है।
