Edited By Anu Malhotra,Updated: 13 Aug, 2026 02:08 PM

एक समय था जब दूध, ब्रेड या रोज़मर्रा की दूसरी ज़रूरी चीजें मंगाने के लिए घंटों इंतज़ार करना पड़ता था। अब, Blinkit, Zeptoऔर Swiggy Instamart जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म कुछ ही मिनटों में सामान सीधे हमारे घर के दरवाज़े तक बेहद आसानी से पहुंचा देते...
नई दिल्ली: एक समय था जब दूध, ब्रेड या रोज़मर्रा की दूसरी ज़रूरी चीजें मंगाने के लिए घंटों इंतज़ार करना पड़ता था। अब, Blinkit, Zeptoऔर Swiggy Instamart जैसे क्विक कॉमर्स प्लेटफ़ॉर्म कुछ ही मिनटों में सामान सीधे हमारे घर के दरवाज़े तक बेहद आसानी से पहुंचा देते हैं, हालांकि, इस सुविधा और तेज़ी ने गंभीर चिंताएं भी पैदा की हैं। डिलीवरी पार्टनर्स की सड़क सुरक्षा, 'डार्क स्टोर्स' की सफ़ाई और खाने-पीने की चीज़ों के सही रखरखाव को लेकर हालिया कार्रवाइयों ने क्विक कॉमर्स मॉडल की पोल खोल दी है।
10 मिनट में डिलीवरी को लेकर सरकार की क्या चिंताएं हैं?
क्विक कॉमर्स कंपनियां लंबे समय से अपनी मार्केटिंग रणनीति के मुख्य हिस्से के तौर पर '10 मिनट में डिलीवरी' का इस्तेमाल करती रही हैं। हालांकि, इतने कम समय में सामान पहुंचाने के लिए डिलीवरी पार्टनर्स पर पड़ने वाले भारी दबाव को लेकर चिंताएं जताई गईं। नतीजतन, केंद्र सरकार ने कंपनियों से '10 मिनट में डिलीवरी' जैसे दावों का प्रचार बंद करने को कहा। एक बड़ी समस्या यह थी कि इन डेडलाइन को पूरा करने के दबाव में राइडर्स अक्सर ट्रैफिक नियमों को नज़रअंदाज़ करते थे या खतरनाक रफ़्तार से गाड़ी चलाते थे। इसके बाद, कई कंपनियों ने अपनी ब्रांडिंग और मार्केटिंग से '10 मिनट में डिलीवरी' वाले मैसेज हटाना शुरू कर दिया।
हालांकि ग्राहकों के लिए कुछ ही मिनटों में सामान मिलना सुविधाजनक है, लेकिन इस प्रोसेस में कई स्टेप्स शामिल होते हैं:- ऑर्डर मिलना, डार्क स्टोर में सामान ढूंढना, पैकिंग, पिकअप और ग्राहक तक पहुंचने के लिए ट्रैफिक से गुज़रना। अगर इन कामों के लिए तय समय बहुत कम हो, तो डिलीवरी पार्टनर्स पर जल्दबाज़ी करने का लगातार दबाव बना रहता है। गिग वर्कर संगठनों ने भी समय-सीमा वाली डिलीवरी से जुड़ी सड़क सुरक्षा और काम के तनाव को लेकर सवाल उठाए हैं।
डार्क स्टोर की साफ़-सफ़ाई को लेकर सवाल
क्विक कॉमर्स में डार्क स्टोर मॉडल में छोटे गोदाम होते हैं जहां अलग-अलग तरह का सामान रखा जाता है, जब ऑनलाइन ऑर्डर आते हैं, तो ग्राहक के लिए सामान चुना और पैक किया जाता है। हालांकि ग्राहक खरीदारी के लिए इन स्टोर पर नहीं जाते, लेकिन उनके घरों तक पहुंचाया जाने वाला सामान यहीं से आता है। इसलिए, इन जगहों पर साफ-सफाई और खाने-पीने की चीज़ों की सुरक्षा बहुत ज़रूरी है।
महाराष्ट्र में FDA की बड़ी कार्रवाई
महाराष्ट्र फ़ूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन (FDA) की हालिया कार्रवाइयों ने इस मुद्दे को बड़े पैमाने पर उजागर किया है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, मुंबई के मलाड वेस्ट इलाके में ब्लिंकइट से जुड़े एक 'डार्क स्टोर' का फ़ूड लाइसेंस निरीक्षण के बाद सस्पेंड कर दिया गया। जांच में गंदगी और फल-सब्जियों के आस-पास कॉकरोच होने जैसी समस्याएं सामने आईं।
Zepto Warehouse के ख़िलाफ़ भी कार्रवाई
इसी तरह, कर्नाटक में फ़ूड सेफ़्टी अधिकारियों ने Zepto जुड़े एक वेयरहाउस के ख़िलाफ़ कार्रवाई की। रिपोर्ट के अनुसार, बेंगलुरु के होसकोटे तालुक में जांच के दौरान खाने-पीने की चीज़ों को रखने और संभालने में कमियां पाई गईं। क्विक कॉमर्स तभी फ़ायदेमंद है जब ग्राहक को सामान जल्दी और सुरक्षित, अच्छी हालत में मिले। ऐसी स्थिति के बारे में सोचिए जहां दूध, फल, सब्ज़ियां, ब्रेड या पैक्ड फ़ूड 10-15 मिनट में घर पहुंच जाता है, लेकिन उसे पहले सही तापमान, साफ़-सुथरे माहौल या सही स्थितियों में नहीं रखा गया था।
गिग वर्कर्स पर सरकार का फ़ोकस
ब्लिंकइट, Zepto और Swiggy Instamart के अलावा, Zomato, Uber, Ola और Rapido जैसे प्लेटफ़ॉर्म भी गिग वर्कर्स पर काफ़ी हद तक निर्भर हैं। सरकार ने गिग वर्कर्स को ई-श्रम पोर्टल से जोड़ने और 2026 तक उनके लिए सोशल सिक्योरिटी का दायरा बढ़ाने के लिए कदम उठाए हैं।