Edited By Parveen Kumar,Updated: 15 Aug, 2026 12:47 AM

सेलेब्रिटीज और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की ओर से खाने-पीने की चीजों को लेकर किए जाने वाले हेल्थ और न्यूट्रिशन से जुड़े दावों पर अब फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) की नजर है। रेगुलेटर ने गुमराह करने वाले विज्ञापनों और बिना...
नेशनल डेस्क : सेलेब्रिटीज और सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स की ओर से खाने-पीने की चीजों को लेकर किए जाने वाले हेल्थ और न्यूट्रिशन से जुड़े दावों पर अब फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) की नजर है। रेगुलेटर ने गुमराह करने वाले विज्ञापनों और बिना प्रमाण किए जाने वाले दावों को लेकर सेलेब्रिटीज और इन्फ्लुएंसर्स को सख्त चेतावनी दी है।
FSSAI ने कहा है कि किसी खाद्य उत्पाद का प्रमोशन करने से पहले इन्फ्लुएंसर्स और सेलेब्रिटीज को यह सुनिश्चित करना होगा कि उसके बारे में किए जा रहे दावे सही, वैज्ञानिक रूप से प्रमाणित और खाद्य सुरक्षा नियमों के अनुरूप हों। बिना जांचे-परखे किसी उत्पाद के दावों का समर्थन करने पर कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ सकता है।
इम्युनिटी बढ़ाने जैसे दावों पर नजर
आजकल फूड कंपनियां हेल्थ ड्रिंक्स, प्रोटीन प्रोडक्ट्स, स्नैक्स और पैक्ड फूड की मार्केटिंग के लिए सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर्स और मशहूर हस्तियों का बड़े स्तर पर इस्तेमाल कर रही हैं। ऐसे में FSSAI ने खास तौर पर 'इम्युनिटी बढ़ाने' या 'पोषक तत्वों से भरपूर' जैसे दावों को लेकर सावधानी बरतने को कहा है। रेगुलेटर के मुताबिक, ऐसे दावों को बढ़ा-चढ़ाकर पेश नहीं किया जाना चाहिए, जब तक उनके समर्थन में पर्याप्त वैज्ञानिक प्रमाण मौजूद न हों और संबंधित दावे खाद्य कानूनों के तहत अनुमत न हों।
प्रमोशन करने वालों की भी जिम्मेदारी
FSSAI ने कहा कि किसी सेलिब्रिटी या इन्फ्लुएंसर का एंडोर्समेंट सामान्य विज्ञापन से अलग प्रभाव डालता है। बड़ी संख्या में लोग सोशल मीडिया पर अपने पसंदीदा सितारों और क्रिएटर्स की बातों पर भरोसा करते हैं। ऐसे में किसी उत्पाद का प्रचार करने वाले व्यक्ति की भी जिम्मेदारी है कि वह सही और सुरक्षित उत्पाद का ही समर्थन करे। रेगुलेटर ने इन्फ्लुएंसर्स से अपील की है कि किसी ब्रांड के साथ अपना नाम जोड़ने से पहले वे उसके दावों और उत्पाद की जानकारी की उचित जांच करें।
किन कानूनों के तहत हो सकती है कार्रवाई?
FSSAI ने स्पष्ट किया है कि खाद्य उत्पादों से जुड़े गुमराह करने वाले विज्ञापनों और एंडोर्समेंट के खिलाफ Food Safety and Standards Act, 2006 और Food Safety and Standards (Advertising and Claims) Regulations, 2018 के तहत कार्रवाई की जा सकती है। इसके अलावा, FSSAI ने असुरक्षित खाद्य उत्पादों का निर्माण या बिक्री करने वाले निर्माताओं के खिलाफ भी कार्रवाई तेज करने की बात कही है।
ग्राहक भी कर सकते हैं शिकायत
FSSAI ने आम लोगों से भी अपील की है कि अगर उन्हें किसी खाद्य उत्पाद का गुमराह करने वाला विज्ञापन या किसी सेलिब्रिटी/इन्फ्लुएंसर का संदिग्ध एंडोर्समेंट नजर आता है, तो उसकी शिकायत 'Food Safety Connect' प्लेटफॉर्म के जरिए करें।