Edited By Anu Malhotra,Updated: 28 Apr, 2026 09:14 AM

Heatstroke vs Heart Attack: गर्मी की भीषण शुरूआत के बीच लोगों का जीना बेहाल हो गया है। जहां तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है वहीं शरीर का तापमान भी बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया। लू के थपेड़े और तपिश भरी गर्मी के बीट कई लोग अचानक कमजोरी, चक्कर,...
Heatstroke vs Heart Attack: गर्मी की भीषण शुरूआत के बीच लोगों का जीना बेहाल हो गया है। जहां तापमान 40 डिग्री के पार पहुंच गया है वहीं शरीर का तापमान भी बर्दाश्त करना मुश्किल हो गया। लू के थपेड़े और तपिश भरी गर्मी के बीट कई लोग अचानक कमजोरी, चक्कर, ज्यादा पसीना, घबराहट और सीने में भारीपन जैसी समस्याओं का सामना करते हैं। अक्सर लोग समझ नहीं पाते कि यह सामान्य गर्मी का असर है या किसी गंभीर बीमारी जैसे हार्ट अटैक या हीटस्ट्रोक (लू) का संकेत। यही वजह है कि सही जानकारी और समय पर पहचान बेहद जरूरी हो जाती है, आईए जानता है इसके लक्षण...
Heart Attack के लक्षण
Heart Attack की स्थिति में शरीर कुछ खास संकेत देता है। इसमें सबसे प्रमुख लक्षण सीने के बीच तेज दर्द, दबाव या जकड़न महसूस होना है। यह दर्द धीरे-धीरे कंधे, हाथ, पीठ, गर्दन या जबड़े तक फैल सकता है। कई बार मरीज को सांस लेने में परेशानी होती है, अचानक ठंडा पसीना आता है और बेचैनी बढ़ जाती है। इसके साथ मतली, उल्टी या चक्कर जैसी स्थिति भी बन सकती है। खास बात यह है कि आराम करने के बाद भी यह दर्द कम नहीं होता, जो इसे सामान्य थकान या गर्मी से अलग बनाता है। ऐसी स्थिति में तुरंत मेडिकल सहायता लेना बेहद जरूरी होता है।
Heatstroke के लक्षण
दूसरी ओर, हीटस्ट्रोक या लू तब लगती है जब शरीर का तापमान बहुत ज्यादा बढ़ जाता है और वह उसे नियंत्रित नहीं कर पाता। यह समस्या अक्सर लंबे समय तक तेज धूप में रहने या भारी गर्मी में काम करने से होती है। इसमें व्यक्ति को तेज सिर दर्द, चक्कर, कमजोरी और ध्यान न लगने जैसी समस्या होती है। शरीर गर्म और लाल महसूस होता है, तेज प्यास लगती है और कई बार व्यक्ति लड़खड़ाने लगता है या बेहोश भी हो सकता है। लू में शरीर का तापमान तेजी से बढ़ता है, इसलिए तुरंत ठंडी जगह पर ले जाकर शरीर को ठंडा करना जरूरी होता है।
दोनों स्थितियों में कुछ लक्षण समान लग सकते हैं जैसे पसीना, कमजोरी और बेचैनी, लेकिन अंतर समझना बहुत जरूरी है। अगर मुख्य समस्या सीने में दर्द, सांस की तकलीफ और दबाव है तो यह हार्ट अटैक का संकेत हो सकता है। वहीं अगर व्यक्ति लंबे समय तक धूप में रहा हो और शरीर बहुत ज्यादा गर्म महसूस हो रहा हो, तो यह लू का मामला हो सकता है।
क्या करें
ऐसी किसी भी स्थिति में तुरंत सही कदम उठाना जरूरी है। व्यक्ति को सबसे पहले छांव या ठंडी जगह पर ले जाना चाहिए और कपड़े ढीले करने चाहिए। अगर लू का शक हो तो शरीर को ठंडा करने की कोशिश करें और पानी दें, बशर्ते व्यक्ति होश में हो। लेकिन अगर हार्ट अटैक की आशंका लगे तो बिना देरी किए एंबुलेंस बुलाना चाहिए। बेहोशी, सांस की परेशानी या तेज दर्द की स्थिति में इंतजार करना खतरनाक हो सकता है।
सावधानी
गर्मी से बचाव के लिए दिन में खास सावधानी रखना जरूरी है। दोपहर के समय बाहर निकलने से बचना चाहिए, हल्के और ढीले कपड़े पहनने चाहिए और शरीर को ढककर रखना चाहिए। पर्याप्त पानी, नींबू पानी और नारियल पानी जैसे तरल पदार्थ लेते रहना चाहिए ताकि शरीर डिहाइड्रेट न हो। खाली पेट धूप में निकलने से बचना चाहिए और भारी, तैलीय भोजन कम करना चाहिए। बुजुर्गों, बच्चों और दिल के मरीजों को इस मौसम में अतिरिक्त सावधानी रखने की जरूरत होती है।