Edited By Pardeep,Updated: 28 Apr, 2026 06:16 AM

ईरान-अमेरिका के बीच जारी तनाव ने आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। बाजार में पाम ऑयल की कीमतों में लगी आग ने बिस्किट से लेकर साबुन तक सब कुछ महंगा कर दिया है।
नई दिल्ली: ईरान-अमेरिका के बीच जारी तनाव ने आम आदमी की रसोई का बजट पूरी तरह बिगाड़ दिया है। बाजार में पाम ऑयल की कीमतों में लगी आग ने बिस्किट से लेकर साबुन तक सब कुछ महंगा कर दिया है।
रसोई का बजट फेल, ₹182 तक पहुंचे दाम
बाजार में खाने के तेल की कीमतें ₹182 प्रति लीटर तक पहुंच गई हैं। पाम ऑयल की कमी के कारण Fortune, Gemini और Ruchi Gold जैसे ब्रांड्स के दाम भी बढ़ रहे हैं। ईरान-अमेरिका युद्ध के कारण समुद्री माल ढुलाई (freight costs) बढ़ गई है और इंडोनेशिया ने भी पाम ऑयल की सप्लाई पर कंट्रोल लगा दिया है, जिससे भारत में संकट गहरा गया है।
आम आदमी पर चौतरफा मार:
- Shrinkflation का खतरा: पारले और ब्रिटानिया जैसी कंपनियां या तो दाम बढ़ा रही हैं या उतने ही दाम में बिस्किट-नमकीन की मात्रा घटा रही हैं।
- LPG का झटका: घरेलू रसोई गैस सिलेंडर ₹60 महंगा हो गया है, जबकि कमर्शियल सिलेंडर में ₹195.50 की भारी बढ़ोतरी हुई है।
- महंगाई दर: मार्च 2026 में खुदरा महंगाई (Retail Inflation) बढ़कर 3.4% पर पहुंच गई है।
- अतिरिक्त बोझ: एक औसत मध्यमवर्गीय परिवार पर हर महीने करीब ₹150 से ₹165 का अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ रहा है।
सरकार हालांकि नेशनल मिशन ऑन एडिबल ऑयल्स (NMEO-OP) के जरिए घरेलू उत्पादन बढ़ाने की कोशिश कर रही है, लेकिन तत्काल राहत मिलती नहीं दिख रही है।