दिल्ली में लू चलने की संभावना: हीटवेव का अलर्ट जारी, जानें आपके इलाके में कैसा रहेगा मौसम

Edited By Updated: 21 Apr, 2026 03:57 PM

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दिल्ली में मंगलवार को इस साल पहली बार ऊष्ण लहर की स्थिति रहने की संभावना है, वहीं, अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो...

नेशनल डेस्क: दिल्ली में मंगलवार को इस साल पहली बार ऊष्ण लहर की स्थिति रहने की संभावना है, वहीं, अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है। मौसम विभाग ने यह जानकारी दी। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से लगभग 2.2 डिग्री कम है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) ने सफदरजंग में न्यूनतम तापमान 20.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया, जो सामान्य से 2.2 डिग्री कम है, जबकि पालम में 22.2 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.1 डिग्री कम है।

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लोधी रोड पर तापमान 18.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3.2 डिग्री कम था, जबकि रिज पर तापमान 22.3 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 0.8 डिग्री कम था। आयानगर में न्यूनतम तापमान 21.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 1.2 डिग्री कम है। मौसम विभाग ने कहा है कि 22 से 24 अप्रैल तक ऊष्ण लहर की संभावना है और इस दौरान अधिकतम तापमान में और वृद्धि होकर 43 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की उम्मीद है। जब अधिकतम तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से अधिक हो जाता है, तब ऊष्ण लहर की स्थिति घोषित की जाती है। 

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केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) के अनुसार, शहर की वायु गुणवत्ता 'मध्यम' श्रेणी में बनी रही और वायु गुणवत्ता सूचकांक 171 रहा। सीपीसीबी के मुताबिक, एक्यूआई शून्य से 50 के बीच 'अच्छा', 51 से 100 'संतोषजनक', 101 से 200 'मध्यम', 201 से 300 'खराब', 301 से 400 'बहुत खराब' और 401 से 500 'गंभीर' श्रेणी में माना जाता है। 

यूपी में बढ़ेगा पारा, अगले पांच दिनों तक हीटवेव का अलर्ट 
उत्तर प्रदेश में तापमान में धीरे-धीरे बढ़ोतरी और अगले पांच दिनों में हीटवेव की आशंका को लेकर मौसम विभाग ने अलटर् जारी किया है। विभाग के अनुसार, प्रदेश में मौसम शुष्क बना रहेगा और 21 अप्रैल के बाद तापमान में और वृद्धि होने की संभावना है, जिससे कई इलाकों में लू जैसी परिस्थितियां बन सकती हैं। लखनऊ मौसम केंद्र के वरिष्ठ वैज्ञानिक ए.के. सिंह ने बताया कि आने वाले सप्ताह में मौसम मुख्यत: शुष्क रहेगा और तापमान में वृद्धि के कारण राज्य के विभिन्न हिस्सों में अलग-अलग स्थानों पर हीटवेव की स्थिति उत्पन्न हो सकती है। इसके साथ ही रात का तापमान भी सामान्य से अधिक रहने की संभावना है।

राजस्थान में अनेक जगह 'ऊष्ण लहर' चलने की चेतावनी 
राजस्थान में तेज गर्मी का दौर जारी है और अनेक जगह अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है। मौसम विभाग ने बृहस्पतिवार से अनेक जगह ऊष्ण लहर चलने की चेतावनी जारी की है। मौसम केंद्र जयपुर के अनुसार, मंगलवार सुबह तक बीते चौबीस घंटे में राज्य में मौसम शुष्क रहा। इस दौरान अधिकतम तापमान कोटा में 42.0 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।

राजधानी जयपुर, उदयपुर, जोधपुर व बीकानेर सहित अनेक जगह अधिकतम तापमान सामान्य से अधिक रहा। केंद्र के अनुसार, अगले दो दिन तक राज्य में मौसम आमतौर पर शुष्क रहेगा। 23 अप्रैल से राज्य के गंगानगर, हनुमानगढ़, झुंझुनू, भरतपुर व धौलपुर सहित कई जिलों में ऊष्ण लहर (हीट वेव) चलने का 'येलो अलर्ट' है। राज्य में पड़ रही तेज गर्मी से आम जनजीवन भी प्रभावित हुआ है। दोपहर में सड़कों व बाजारों में सन्नाटा छा जाता है और लोग जरूरी काम के लिए ही बाहर निकलते हैं। 

भारत मौसम विज्ञान विभाग (आईएमडी) के एक वरिष्ठ अधिकारी ने इस साल सिंधु-गंगा के मैदानी इलाकों के उत्तरी हिस्से, पूर्वी तटीय राज्यों, पश्चिमी राज्यों गुजरात और महाराष्ट्र तथा उनसे लगे क्षेत्रों में सामान्य से अधिक दिनों तक ऊष्ण लहर चलने की आशंका है। उन्होंने कहा कि गर्मी के महीनों में हर दिन जिला स्तर पर सात दिन की चेतावनी भी जारी की जाती है। आईएमडी ने फरवरी के अंत तक मार्च, अप्रैल और मई के लिए ऊष्ण लहर और गर्मियों के तापमान का पहला पूर्वानुमान जारी किया था। बाद में मार्च के आखिरी दिन अप्रैल, मई और जून के लिए इसे अद्यतन किया गया।

पूर्वानुमान के अनुसार अप्रैल से जून के बीच कई स्थानों पर ऊष्ण लहर की स्थिति बन सकती है। खासकर पश्चिम बंगाल के दक्षिणी हिस्सों, ओडिशा, आंध्र प्रदेश और उनसे लगे छत्तीसगढ़ तथा तेलंगाना जैसे पूर्वी क्षेत्रों में इसका ज्यादा असर रहने की संभावना है। मौसम विभाग ने कहा कि ऊष्ण लहर की स्थिति सिंधु-गंगा के मैदानी इलाकों के उत्तरी हिस्से में भी बन सकती है। इनमें हरियाणा, उत्तर प्रदेश, बिहार और झारखंड के अलावा राजस्थान और मध्य प्रदेश के दक्षिणी हिस्से, गुजरात के कुछ इलाके और उत्तरी महाराष्ट्र के कुछ भाग शामिल हैं। 
 

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