Edited By Radhika,Updated: 22 Apr, 2026 10:55 AM

पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अप्रैल, 2025 को जान गंवाने वाले 26 निर्दोष लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर पीएम ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े रुख को दोहराते हुए कहा कि देश किसी भी...
Pahalgam Terror Attack first anniversary : पहलगाम में हुए भीषण आतंकी हमले की पहली बरसी पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 22 अप्रैल, 2025 को जान गंवाने वाले 26 निर्दोष लोगों को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की। इस मौके पर पीएम ने आतंकवाद के खिलाफ भारत के कड़े रुख को दोहराते हुए कहा कि देश किसी भी परिस्थिति में आतंक के सामने नहीं झुकेगा।
पीएम मोदी ने पोस्ट कर लिखा
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर एक पोस्ट के माध्यम से पीड़ितों के परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की। उन्होंने लिखा कि उन मासूम जिंदगियों को कभी नहीं भुलाया जाएगा जिन्होंने पिछले साल आज ही के दिन अपनी जान गंवाई थी।m "एक राष्ट्र के रूप में, हम दुख और संकल्प में एकजुट हैं। भारत कभी भी किसी भी तरह के आतंक के आगे नहीं झुकेगा। आतंकवादियों के नापाक मंसूबे कभी सफल नहीं होंगे।"
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ऑपरेशन सिंदूर से जब भारत ने दिया करारा जवाब
आज से ठीक एक साल पहले, 22 अप्रैल 2025 को जम्मू-कश्मीर के खूबसूरत पर्यटन स्थल पहलगाम के एक गांव में सीमा पार से आए आतंकवादियों ने हमला किया था। इस हमले की क्रूरता ने पूरे देश को झकझोर दिया था, क्योंकि हमलावरों ने पीड़ितों की धार्मिक पहचान पूछकर उन्हें निशाना बनाया था। इस कायराना हरकत के जवाब में भारतीय सेना ने 'ऑपरेशन सिंदूर' शुरू किया था, जिसकी मुख्य बातें निम्नलिखित हैं:
- सटीक स्ट्राइक: 7 मई 2025 को भारतीय सेना ने पाकिस्तान और पीओजेके (PoJK) में स्थित आतंकी बुनियादी ढांचे पर हमला किया।
- लॉन्चपैड तबाह: लश्कर-ए-तैयबा, जैश-ए-मोहम्मद और हिजबुल मुजाहिदीन से जुड़े 9 प्रमुख आतंकी लॉन्चपैड पूरी तरह नष्ट कर दिए गए।
- रणनीतिक बढ़त: जवाबी कार्रवाई के दौरान भारतीय सेना ने लाहौर और गुजरांवाला के पास स्थित दुश्मन के रडार सिस्टम को भी ध्वस्त कर दिया था।
- युद्धविराम: 10 मई 2025 को दोनों देशों के सैन्य संचालन महानिदेशक (DGMO) के बीच बातचीत के बाद संघर्ष विराम पर सहमति बनी थी।
भारत भूलता नहीं है
भारतीय सेना के अतिरिक्त महानिदेशालय (ADG PI) ने भी इस अवसर पर कड़ा संदेश जारी किया। सेना ने स्पष्ट किया कि जब मानवता की सीमाएं लांघी जाती हैं, तो भारत का जवाब निर्णायक होता है। सेना की पोस्ट में कहा गया, "कुछ सीमाएं कभी नहीं लांघी जानी चाहिए। भारत भूलता नहीं है।" आज पूरा देश उन बलिदानियों को याद कर रहा है और आतंकवाद को जड़ से मिटाने के अपने राष्ट्रीय संकल्प को और मजबूत कर रहा है।