Edited By Ramanjot,Updated: 21 Feb, 2026 05:35 PM

दिल की धड़कन तेज होना (हार्ट पल्पिटेशन) हमेशा खतरनाक नहीं होता, लेकिन इसे नजरअंदाज करना भारी पड़ सकता है। अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के विशेषज्ञों के अनुसार, इसके पीछे तनाव, कैफीन या गंभीर हृदय विकार जैसे 'एट्रियल फिब्रिलेशन' हो सकते हैं। यदि धड़कन तेज...
Heart Palpitations : कभी-कभी अचानक ऐसा महसूस होता है जैसे दिल दौड़ रहा है, फड़फड़ा रहा है या एक धड़कन 'मिस' हो गई है। चिकित्सा विज्ञान में इसे हार्ट पल्पिटेशन (Heart Palpitation) कहा जाता है। अक्सर लोग इसे सामान्य घबराहट समझकर टाल देते हैं, लेकिन अमेरिकन हार्ट एसोसिएशन के विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यह शरीर का एक गंभीर संकेत भी हो सकता है।
हार्ट पल्पिटेशन: सिर्फ छाती नहीं, गले में भी होता है महसूस
ड्यूक हेल्थ (नॉर्थ कैरोलिना) के कार्डियक इलेक्ट्रोफिजियोलॉजिस्ट डॉ. लैरी आर. जैक्सन के अनुसार, धड़कन तेज होने का अनुभव हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। कुछ लोगों को यह छाती में जोर-जोर से धड़कने जैसा महसूस होता है, तो कुछ को गर्दन या गले में हलचल महसूस होती है। यह स्थिति कुछ सेकंड से लेकर कई मिनटों तक बनी रह सकती है।
क्यों बढ़ जाती है दिल की रफ़्तार?
डॉ. जैक्सन ने इसके कारणों को तीन मुख्य श्रेणियों में बांटा है:
जीवनशैली और मानसिक स्वास्थ्य: अत्यधिक तनाव, चिंता (Anxiety), भारी व्यायाम, कैफीन का अधिक सेवन या शरीर में सोडियम और पोटेशियम जैसे इलेक्ट्रोलाइट्स की कमी।
दवाओं का प्रभाव: अस्थमा, ADHD या बंद नाक खोलने वाली कुछ दवाओं (Decongestants) के सेवन से भी धड़कनें तेज हो सकती हैं।
हृदय संबंधी विकार: यह सबसे गंभीर श्रेणी है। इसमें 'एट्रियल फिब्रिलेशन' (AFib) या 'वेंट्रिकुलर टैचीकार्डिया' जैसी स्थितियां शामिल हैं, जिनमें दिल की लय असामान्य हो जाती है।
कब हो सकता है यह जानलेवा?
विशेषज्ञों का कहना है कि हालांकि हर पल्पिटेशन खतरनाक नहीं होता, लेकिन यदि AFib जैसी स्थिति का इलाज न कराया जाए, तो स्ट्रोक का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। यदि धड़कन तेज होने के साथ आपको छाती में दर्द, सांस लेने में तकलीफ, चक्कर आना या मतली महसूस हो, तो इसे आपातकालीन स्थिति मानें और तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें।