Edited By Tanuja,Updated: 21 Feb, 2026 03:10 PM

बलूच लिबरेशन आर्मी (BLA) ने कथित रूप से 7–8 पाकिस्तानी सैनिकों का वीडियो जारी किया, जिसमें वे सरकार से मदद की गुहार लगाते दिखे। सेना ने किसी सैनिक के लापता या हिरासत में होने से इनकार किया है। बलूचिस्तान में अलगाववाद और आतंकी घटनाओं ने सुरक्षा हालात...
Islamabad: पाकिस्तान में सुरक्षा हालात को लेकर नया विवाद तब खड़ा हो गया जब अलगाववादी संगठन Baloch Liberation Army (BLA) से जुड़े चैनल ‘हक्काल’ पर एक वीडियो जारी किया गया। वीडियो में कुछ लोग पाकिस्तानी सैनिक होने का दावा करते हुए सरकार से मदद की अपील करते दिखाई देते हैं। हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने कहा है कि उसका कोई भी सैनिक लापता नहीं है और न ही किसी उग्रवादी संगठन की हिरासत में है। जारी वीडियो में 7-8 व्यक्तियों को ऊबड़-खाबड़ इलाके में घुटनों के बल बैठे देखा जा सकता है।
उनके आसपास हथियारबंद लोग खड़े हैं।वीडियो में एक व्यक्ति रोते हुए कहता है कि वह पाकिस्तान के लिए लड़ता रहा, लेकिन अब उसे “अपना” नहीं माना जा रहा। वह कैमरे के सामने कथित पहचान पत्र और दस्तावेज दिखाते हुए कहता है कि उसे सेना ने ही भर्ती किया था। BLA का दावा है कि इन लोगों को 14 फरवरी को पकड़ा गया और उनकी रिहाई के बदले बलूच लड़ाकों की रिहाई की मांग की गई है। संगठन ने 22 फरवरी तक का अल्टीमेटम दिया है।
सरकार और सेना का रुख
रिपोर्ट्स के अनुसार पाकिस्तानी सैन्य अधिकारियों ने कहा है कि उनका कोई सैनिक लापता नहीं है। इस विरोधाभास उग्रवादी संगठन के दावे और सेना के इनकार—ने पूरे घटनाक्रम को और जटिल बना दिया है। स्वतंत्र स्रोतों से वीडियो की पुष्टि नहीं हो सकी है।
बलूचिस्तान की पृष्ठभूमि
Baloch Liberation Army (BLA) बलूचिस्तान प्रांत की स्वतंत्रता की मांग करने वाला संगठन है। इसे कई देशों द्वारा आतंकी संगठन घोषित किया जा चुका है। बलूचिस्तान प्राकृतिक संसाधनों से समृद्ध लेकिन पाकिस्तान का अपेक्षाकृत गरीब और अविकसित प्रांत माना जाता है। यह इलाका अफगानिस्तान और ईरान की सीमा से लगा है और लंबे समय से अलगाववादी हिंसा से प्रभावित रहा है। उग्रवादी समूह अक्सर पाकिस्तानी सुरक्षा बलों, सरकारी प्रतिष्ठानों और चीन-पाकिस्तान आर्थिक गलियारे (CPEC) से जुड़े प्रोजेक्ट्स को निशाना बनाते रहे हैं।
आतंकवाद के आंकड़े
हालिया वैश्विक रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान में आतंकी घटनाओं में वृद्धि देखी गई है। खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान प्रांत सबसे अधिक प्रभावित क्षेत्रों में शामिल हैं।तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) और अन्य संगठनों की गतिविधियों ने सुरक्षा चुनौतियों को और बढ़ाया है। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि न होने और दोनों पक्षों के विरोधाभासी दावों के चलते स्थिति अत्यंत संवेदनशील बनी हुई है। यदि वार्ता या किसी प्रकार की आधिकारिक पुष्टि सामने नहीं आती, तो बलूचिस्तान में तनाव और बढ़ सकता है।