Edited By Mansa Devi,Updated: 12 Feb, 2026 01:42 PM

पेट का कैंसर शुरुआती स्टेज में अक्सर पहचानना कठिन होता है क्योंकि इसके लक्षण सामान्य पेट की परेशानियों जैसे दिखाई देते हैं। कई बार लोग हल्की अपच, पेट भारी होने या हल्के दर्द को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं।
नेशनल डेस्क: पेट का कैंसर शुरुआती स्टेज में अक्सर पहचानना कठिन होता है क्योंकि इसके लक्षण सामान्य पेट की परेशानियों जैसे दिखाई देते हैं। कई बार लोग हल्की अपच, पेट भारी होने या हल्के दर्द को सामान्य समझकर नजरअंदाज कर देते हैं। इस वजह से कैंसर का पता समय रहते नहीं चलता और यह धीरे-धीरे फैल सकता है। शुरुआती स्टेज में कैंसर केवल पेट की अंदरूनी परत तक सीमित रहता है और शरीर के अन्य अंगों तक नहीं फैला होता। यदि इस समय इसका पता चल जाए तो इलाज जल्दी शुरू किया जा सकता है और सफलता की संभावना अधिक होती है।
पेट के कैंसर के शुरुआती लक्षण
शुरुआती स्टेज में पेट का कैंसर कई तरह के संकेत देता है। इनमें सबसे आम लक्षण हैं खाने के बाद पेट में जलन और भारीपन महसूस होना, पेट जल्दी भरा हुआ लगना, हल्का दर्द रहना, जी मिचलाना या उल्टी जैसा महसूस होना, लगातार थकान और खाने के बाद अजीब तरह की डकार आना। कभी-कभी डकार के साथ मुंह में खटास या धातु जैसी स्वाद महसूस होती है, जो पेट में ट्यूमर के पनपने का संकेत हो सकता है। पेट में भारीपन और लगातार असहजता भी शुरुआती संकेतों में शामिल हैं।
पेट के कैंसर होने के मुख्य कारण
पेट के कैंसर होने के कई कारण होते हैं। सबसे प्रमुख कारण एच पायलोरी संक्रमण है, जो लंबे समय तक पेट में अल्सर और इंफेक्शन का कारण बनता है। इसके अलावा तंबाकू और शराब का सेवन, बहुत ज्यादा तला हुआ, भुना हुआ, मसालेदार या प्रोसेस्ड फूड का नियमित सेवन, मोटापा और परिवार में पहले किसी को पेट का कैंसर होना भी जोखिम बढ़ा देता है।
पेट के कैंसर की पुष्टि कैसे होती है
पेट के कैंसर की पुष्टि के लिए एंडोस्कोपी की जाती है, जिसमें पतली ट्यूब के जरिए पेट के अंदर की जांच की जाती है। इसके साथ ही बायोप्सी करके पेट से सैंपल लिया जाता है और उसका परीक्षण किया जाता है। इसके अलावा सीटी स्कैन और अल्ट्रासाउंड की मदद से यह पता लगाया जाता है कि कैंसर शरीर में कितना फैल चुका है।
विशेषज्ञों की सलाह
विशेषज्ञों का कहना है कि शुरुआती लक्षणों को अनदेखा करना खतरनाक हो सकता है। पेट में हल्की-हल्की परेशानियों को नजरअंदाज न करें और समय रहते डॉक्टर से जांच कराएं। शुरुआती पहचान से पेट के कैंसर का इलाज अधिक प्रभावी और सफल हो सकता है।