Edited By Tanuja,Updated: 07 Jan, 2026 04:04 PM

बांग्लादेश में अल्पसंख्यक हिंदुओं के खिलाफ हिंसा थमने का नाम नहीं ले रही। नाओगांव जिले में भीड़ से जान बचाने के लिए नहर में कूदे 25 वर्षीय हिंदू युवक मिथुन सरकार की मौत हो गई। यह 19 दिनों में 8वीं और इसी हफ्ते की तीसरी हिंदू हत्या है।
International Desk: बांग्लादेश में अल्पसंख्यक समुदाय, विशेषकर हिंदुओं के खिलाफ हिंसा लगातार बढ़ती जा रही है। ताजा घटना में नाओगांव जिले के मोहादेवपुर उपजिला में एक हिंदू युवक की मौत हो गई, जो भीड़ से अपनी जान बचाने के लिए नहर में कूद गया था।मृतक की पहचान 25 वर्षीय मिथुन सरकार के रूप में हुई है। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, मंगलवार दोपहर चकगोरी इलाके में कुछ लोगों ने उस पर चोरी का आरोप लगाया और भीड़ ने उसका पीछा करना शुरू कर दिया। जान बचाने की कोशिश में मिथुन पास की गहरी नहर में कूद गया, लेकिन तेज बहाव के कारण वह बह गया।
#BREAKING: Yet Another Hindu Killed in Bangladesh. Minority Hindu Youth dies in Bangladesh by jumping into a canal after being chased by a mob. In Mahadebpur of Naogaon, a young man named Mithun Sarkar (25) died after drowning while being chased by locals on suspicion of theft. pic.twitter.com/leXEFgPvCf
— Aditya Raj Kaul (@AdityaRajKaul) January 6, 2026
सूचना मिलने पर मोहादेवपुर थाना पुलिस, फायर सर्विस और सिविल डिफेंस की टीम मौके पर पहुंची और घंटों चले रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद शव बरामद किया गया।मोहादेवपुर थाने के प्रभारी अधिकारी (OC) शाहिदुल इस्लाम ने घटना की पुष्टि करते हुए कहा, “प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक चोरी के संदेह में पीछा किए जाने पर नहर में कूद गया। फायर सर्विस की मदद से शव बरामद किया गया है। पोस्टमार्टम के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।”
19 दिनों में 8वीं हिंदू मौत
यह घटना पिछले 19 दिनों में हिंदुओं के खिलाफ 8वीं घातक घटना है और इसी सप्ताह की तीसरी मौत है, जो बांग्लादेश में हालात की भयावहता को दर्शाती है।
- सोमवार को नर्सिंगदी जिले में 40 वर्षीय शरत चक्रवर्ती मणि की धारदार हथियारों से हत्या
- उसी दिन यशोर जिले में हिंदू व्यापारी राणा प्रताप बैरागी को सार्वजनिक रूप से गोली मारी गई
- शनिवार को शरियतपुर में खोकन चंद्र दास की भीड़ द्वारा पीट-पीटकर हत्या
- पिछले सप्ताह मयमनसिंह में बजेंद्र बिस्वास की गोली मारकर हत्या
- 24 दिसंबर को अमृत मंडल की भीड़ द्वारा हत्या
- 18 दिसंबर को दीपू चंद्र दास को झूठे ईशनिंदा आरोप में पीटकर मार डाला गया, फिर शव को पेड़ से लटकाकर जला दिया गया
मुहम्मद यूनुस के नेतृत्व वाली अंतरिम सरकार के दौरान बढ़ती इस हिंसा ने मानवाधिकार संगठनों और अंतरराष्ट्रीय समुदाय को गंभीर चिंता में डाल दिया है। आरोप है कि अल्पसंख्यकों की सुरक्षा को लेकर सरकार की प्रतिक्रिया बेहद कमजोर और खामोश रही है।