Edited By Mehak,Updated: 27 Jan, 2026 04:53 PM

आज के समय में हर घर की रसोई गैस सिलेंडर पर निर्भर है। अक्सर लोगों को पता नहीं होता कि सिलेंडर में कितनी गैस बची है, जिससे खाना बनाते समय परेशानी हो जाती है। घरेलू तरीके जैसे गीले कपड़े से सिलेंडर जांचना, वजन देखकर गैस का अंदाजा लगाना और चूल्हे की लौ...
नेशनल डेस्क : आज के समय में लगभग हर घर की रसोई गैस सिलेंडर पर निर्भर है। सुबह की चाय से लेकर रात के खाने तक, गैस के बिना रसोई का काम रुक जाता है। ऐसे में अगर अचानक खाना बनाते वक्त गैस खत्म हो जाए, तो परेशानी बढ़ जाती है, खासकर सुबह की जल्दी या मेहमानों के आने पर। अक्सर लोगों को यह पता नहीं होता कि सिलेंडर में कितनी गैस बची है। हालांकि, कुछ आसान घरेलू तरीकों से बिना किसी मशीन या तकनीकी जानकारी के घर बैठे ही गैस का अंदाजा लगाया जा सकता है।
गीले कपड़े से करें गैस की पहचान
यह सबसे आसान और कारगर तरीका माना जाता है। एक साफ कपड़ा पानी में भिगोकर निचोड़ लें और उसे सिलेंडर के ऊपर से नीचे तक फेर दें। कुछ देर बाद सिलेंडर का जो हिस्सा जल्दी सूख जाए, वह खाली होता है, जबकि नीचे का ठंडा और गीला हिस्सा गैस की मौजूदगी दिखाता है। इससे अंदाजा लगाया जा सकता है कि सिलेंडर आधा है या लगभग खत्म होने वाला है।
वजन से भी जान सकते हैं गैस
हर LPG सिलेंडर पर उसका खाली वजन यानी टेयर वेट लिखा होता है। अगर घर में वेट मशीन हो, तो सिलेंडर का कुल वजन नापें और उसमें से टेयर वेट घटा दें। जो वजन बचेगा, वही अंदर मौजूद गैस का होगा। घरेलू सिलेंडर में आमतौर पर 14.2 किलो गैस भरी जाती है।
चूल्हे की लौ भी देती है संकेत
अगर चूल्हे की लौ पहले जैसी तेज नहीं जल रही, बार-बार धीमी हो रही है या खाना पकने में ज्यादा समय लग रहा है, तो यह संकेत हो सकता है कि गैस कम हो रही है। हालांकि, यह तरीका पूरी तरह सटीक नहीं होता, लेकिन सतर्क रहने में मदद करता है।
गैस लेवल इंडिकेटर डिवाइस
आजकल बाजार में गैस लेवल बताने वाले छोटे गैजेट्स भी उपलब्ध हैं। ये सिलेंडर के बाहर लगते हैं और रंग या डिजिटल संकेत के जरिए बताते हैं कि गैस ज्यादा है या खत्म होने वाली है। कुछ डिवाइस मोबाइल ऐप से भी जुड़ते हैं और समय रहते रीफिल बुक करने में मदद करते हैं।