Edited By Rohini Oberoi,Updated: 10 Mar, 2026 01:41 PM

वैश्विक तनाव का असर अब भारत के चूल्हे तक पहुंच गया है। ईरान-इजरायल युद्ध के कारण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' जैसे समुद्री रास्तों पर संकट खड़ा हो गया है जिससे भारत में एलपीजी (LPG) की आवक प्रभावित हुई है। इस स्थिति को संभालने और जमाखोरी रोकने के लिए सरकार...
LPG Cylinder Price Hike : वैश्विक तनाव का असर अब भारत के चूल्हे तक पहुंच गया है। ईरान-इजरायल युद्ध के कारण 'स्ट्रेट ऑफ होर्मुज' जैसे समुद्री रास्तों पर संकट खड़ा हो गया है जिससे भारत में एलपीजी (LPG) की आवक प्रभावित हुई है। इस स्थिति को संभालने और जमाखोरी रोकने के लिए सरकार ने गैस बुकिंग के नियमों को सख्त कर दिया है और कीमतों में भी भारी इजाफा किया है।
1. अब 21 नहीं, 25 दिन का लॉक-इन पीरियड
सरकार ने घरेलू गैस सिलेंडर की बुकिंग के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। अब आप एक सिलेंडर लेने के कम से कम 25 दिन बाद ही अगला सिलेंडर बुक कर पाएंगे। पहले यह समय सीमा 21 दिन थी। सरकार चाहती है कि लोग डर के मारे गैस का स्टॉक जमा न करें (Panic Booking) ताकि सप्लाई सभी घरों तक बराबर बनी रहे। साथ ही अब डिलीवरी के समय OTP और बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन को भी अनिवार्य किया जा रहा है ताकि कालाबाजारी रोकी जा सके।

2. जेब पर बढ़ा बोझ: ₹115 तक बढ़े दाम
कच्चे तेल और गैस की वैश्विक कीमतों में उछाल के कारण भारत में सिलेंडर महंगे हो गए हैं:
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घरेलू सिलेंडर (14.2 kg): इसकी कीमत में ₹60 की बढ़ोतरी की गई है।
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कमर्शियल सिलेंडर (19 kg): इसके दाम सीधे ₹115 तक बढ़ गए हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सप्लाई चेन टूटने की वजह से यह पिछले एक साल की दूसरी सबसे बड़ी बढ़ोतरी है।
3. कमर्शियल सप्लाई पर ब्रेक: रेस्टोरेंट और कारोबार प्रभावित
घरेलू उपभोक्ताओं को प्राथमिकता देने के लिए सरकार ने कमर्शियल गैस की सप्लाई में कटौती शुरू कर दी है:

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महाराष्ट्र: मुंबई, पुणे और नागपुर जैसे शहरों में कमर्शियल गैस की भारी किल्लत हो गई है। पुणे में तो गैस से चलने वाले श्मशान घाटों तक को अस्थायी रूप से बंद करना पड़ा है।
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पंजाब: यहां 8 मार्च से ही कमर्शियल और औद्योगिक गैस की डिस्पैच (सप्लाई) पर रोक लगा दी गई है।
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दक्षिण भारत: तेलंगाना, तमिलनाडु और आंध्र प्रदेश के कई शहरों में भी होटलों और रेस्टोरेंट्स को गैस मिलने में दिक्कत आ रही है, जिससे उनके कामकाज पर बुरा असर पड़ा है।

क्यों पैदा हुए ये हालात?
भारत अपनी जरूरत की अधिकांश गैस कतर और सऊदी अरब जैसे देशों से मंगाता है। युद्ध के कारण समुद्री जहाजों का रास्ता (Strait of Hormuz) असुरक्षित हो गया है जिससे जहाजों के आने-जाने में देरी हो रही है। हालांकि सरकार का दावा है कि भारत में अब भी गैस की कीमतें पाकिस्तान और श्रीलंका जैसे पड़ोसी देशों के मुकाबले काफी कम हैं।