Edited By Anu Malhotra,Updated: 10 Sep, 2026 12:47 PM

सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए किशोरियों के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे देशव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीनेशन कैंपेन पर चिंता जताने वाली एक PIL पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI)...
नई दिल्ली: सुप्रीम कोर्ट ने गुरुवार को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए किशोरियों के लिए सरकार द्वारा चलाए जा रहे देशव्यापी ह्यूमन पैपिलोमावायरस (HPV) वैक्सीनेशन कैंपेन पर चिंता जताने वाली एक PIL पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। भारत के मुख्य न्यायाधीश (CJI) सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाल्य बागची और वी. मोहना की बेंच ने कहा कि जब भी गलत वैक्सीनेशन का मामला सामने आता है, तो मुआवज़े के सामान्य नियम लागू होंगे।
बेंच ने पूछा, "क्या आप इसे वापस लेना चाहते हैं? क्या आप चाहते हैं कि हम इस पर कोई टिप्पणी करें?" बेंच ने कहा, "हमसे कड़ी टिप्पणी करने के लिए न कहें। अगर याचिकाकर्ता डॉक्टर हैं, तो यह बहुत ही गंभीर मामला है। यह हमारी लाखों बेटियों की सेहत का सवाल है। और आप इसे पटरी से उतारना चाहते हैं।"
सुप्रीम कोर्ट ने मौखिक रूप से कहा कि यह PIL गलत मकसद से दायर की गई थी और इसमें ईमानदारी की कमी थी। याचिकाकर्ता की ओर से पेश वकील ने कहा कि वह केवल वैक्सीनेशन के बुरे असर (एडवर्स इवेंट) और मुआवज़े पर ज़ोर दे रहे हैं, HPV पर नहीं। वकील ने कहा, "मैं वैक्सीन के बिल्कुल भी खिलाफ नहीं हूं। मेरी पहली दलील इसे लागू करने के तरीके को लेकर है। दूसरी बात, बुरे असर (एडवर्स इवेंट) से निपटने का कोई सिस्टम नहीं है। जब भी कोई बुरा असर हो, तो उसकी निगरानी होनी चाहिए। मुआवज़े की योजना भी होनी चाहिए।"
जब सुप्रीम कोर्ट ने याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया, तो वकील ने याचिका वापस ले ली और मामला वापस लिए जाने के कारण खारिज कर दिया गया। सुप्रीम कोर्ट 'यूनिवर्सल हेल्थ ऑर्गनाइज़ेशन' की उस याचिका पर सुनवाई कर रहा था जिसमें सरकार समर्थित HPV वैक्सीनेशन प्रोग्राम को लागू करने के तरीके को चुनौती दी गई थी।
याचिका में आरोप लगाया गया था कि यह जानकारी के साथ सहमति (informed consent), शारीरिक स्वायत्तता, पारदर्शिता और जवाबदेही की संवैधानिक गारंटी का उल्लंघन करता है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 फरवरी को राजस्थान के अजमेर से 14 साल की लड़कियों के लिए देशव्यापी HPV वैक्सीनेशन कैंपेन की शुरुआत की थी। इस कैंपेन के तहत सिंगल-डोज़ गार्डसिल 4 वैक्सीन, जो एक क्वाड्रिवेलेंट HPV वैक्सीन है, का इस्तेमाल किया जा रहा है। यह इंजेक्शन HPV के टाइप 16 और 18 (जो सर्वाइकल कैंसर का कारण बनते हैं) के साथ-साथ टाइप 6 और 11 से भी सुरक्षा देता है।