Edited By Radhika,Updated: 29 Apr, 2026 05:30 PM

विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित 11वें मिशन प्रमुखों के सम्मेलन (Heads of Missions Conference) को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पिछले एक दशक में दुनिया के साथ भारत के बढ़ते जुड़ाव पर जोर दिया और बताया कि कैसे भारतीय...
नेशनल डेस्क: विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने बुधवार को नई दिल्ली में आयोजित 11वें मिशन प्रमुखों के सम्मेलन (Heads of Missions Conference) को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने पिछले एक दशक में दुनिया के साथ भारत के बढ़ते जुड़ाव पर जोर दिया और बताया कि कैसे भारतीय कूटनीति वैश्विक चुनौतियों के बीच राष्ट्रीय हितों को सुरक्षित करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
दुनिया के साथ बढ़ता भारत का प्रभाव
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर जानकारी साझा करते हुए विदेश मंत्री ने कहा कि पिछले 10 वर्षों में वैश्विक स्तर पर भारत की भागीदारी में अभूतपूर्व विस्तार हुआ है। एक अस्थिर और उथल-पुथल वाली दुनिया में, भारतीय राजनय (Diplomacy) राष्ट्रीय लक्ष्यों को प्राप्त करने और देश के हितों को आगे बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।

भारत और इक्वाडोर के बीच बढ़ते कदम
सम्मेलन के अलावा जयशंकर ने इक्वाडोर की विदेश मंत्री गैब्रिएला सोमरफेल्ड रोसेरो से मुलाकात की। रोसेरो अपनी पहली तीन दिवसीय भारत यात्रा पर हैं। दोनों नेताओं के बीच व्यापार, स्वास्थ्य, कृषि, डिजिटल क्षेत्र और क्षमता निर्माण (Capacity Building) में सहयोग बढ़ाने पर चर्चा हुई। जयशंकर ने अंतरराष्ट्रीय सौर गठबंधन (ISA) और इंटरनेशनल बिग कैट अलायंस में शामिल होने के इक्वाडोर के फैसले का स्वागत किया।'क्विक इम्पैक्ट प्रोजेक्ट्स' (QIP) के वित्तपोषण पर समझौता दोनों देशों के बीच विकास साझेदारी को और गहरा करेगा।
संयुक्त राष्ट्र सुधारों पर दिया जोर
मंगलवार को विदेश मंत्री ने संयुक्त राष्ट्र महासभा (UNGA) के 80वें सत्र की अध्यक्ष एन्नालेना बेयरबॉक से भी मुलाकात की। इस मुलाकात के मुख्य मुद्दे यूएन सुधार (UN Reforms), सतत विकास लक्ष्य (SDGs), आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और पश्चिम एशिया के संघर्ष शामिल रहे। इसी के साथ जयशंकर ने 'सुधारित बहुपक्षवाद' (Reformed Multilateralism) की आवश्यकता पर बल दिया, जो आज की वैश्विक वास्तविकताओं और ग्लोबल साउथ की आकांक्षाओं को दर्शाता हो।