Edited By Radhika,Updated: 22 Apr, 2026 01:30 PM

रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति और संतुलित कूटनीतिक दृष्टिकोण की जमकर प्रशंसा की है। बर्लिन में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित एक सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत...
नेशनल डेस्क: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत की विदेश नीति और संतुलित कूटनीतिक दृष्टिकोण की जमकर प्रशंसा की है। बर्लिन में भारतीय दूतावास द्वारा आयोजित एक सामुदायिक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि भारत वैश्विक संघर्षों, विशेषकर पश्चिम एशिया संकट को सुलझाने में भविष्य में और भी बड़ी भूमिका निभा सकता है।
Strait of Hormuz में हुई भारतीय कूटनीति की जीत
राजनाथ सिंह ने भारत की कूटनीतिक कुशलता का एक बड़ा उदाहरण देते हुए बताया कि कैसे तनावपूर्ण स्थितियों के बीच भी भारतीय जहाज सुरक्षित मार्ग पाने में सफल रहे। रक्षा मंत्री ने कहा, "हॉर्मुज जलडमरूमध्य में जब अन्य देशों के जहाज नहीं निकल पा रहे थे, तब भारत के 7-8 जहाज वहां से गुजरने में सफल रहे।" उन्होंने जोर देकर कहा कि यह भारत की तटस्थ छवि का ही परिणाम है कि न तो अमेरिका और न ही ईरान भारत को अपना दुश्मन मानता है।

शांति के लिए पीएम ने किए व्यक्तिगत प्रयास
सिंह ने वैश्विक शांति स्थापना में पीएम मोदी की सक्रिय भागीदारी का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रधानमंत्री ने व्यक्तिगत रूप से विश्व नेताओं से बातचीत की। पीएम मोदी ने रूसी राष्ट्रपति पुतिन और यूक्रेन के राष्ट्रपति के साथ सीधी बातचीत कर शांति और संवाद का मार्ग चुनने की अपील की। रक्षा मंत्री ने बताया कि डोनाल्ड ट्रंप के साथ मुलाकात के दौरान भी प्रधानमंत्री ने वैश्विक संकटों के समाधान खोजने पर चर्चा की थी।
भारत-जर्मनी संबंधों के 75 साल हुए पूरे
जर्मनी की अपनी पहली आधिकारिक यात्रा पर पहुंचे राजनाथ सिंह ने दोनों देशों के प्रगाढ़ होते रिश्तों पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा "साल 2026 हमारे लिए विशेष है, क्योंकि इस वर्ष भारत और जर्मनी के औपचारिक राजनयिक संबंधों के 75 वर्ष पूरे हो रहे हैं। हमारे संबंध पूरी तरह से लोकतांत्रिक मूल्यों पर आधारित हैं।" राजनाथ सिंह ने विश्वास व्यक्त किया कि वह समय दूर नहीं जब भारत वैश्विक संघर्षों को समाप्त करने में और भी अधिक सफल और निर्णायक भूमिका निभाएगा।