Edited By Anu Malhotra,Updated: 05 Jan, 2026 11:28 AM

आसमान छूती महंगाई और हाई एजुकेशन की महंगी होती फीस ने आज के अभिभावकों की नींद उड़ा रखी है। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा किसी बड़े कॉलेज में पढ़े या अपना खुद का स्टार्टअप शुरू करे, लेकिन बजट की कमी अक्सर इन अरमानों की राह में बाधा बन जाती है।...
नई दिल्ली: आसमान छूती महंगाई और हाई एजुकेशन की महंगी होती फीस ने आज के अभिभावकों की नींद उड़ा रखी है। हर माता-पिता चाहते हैं कि उनका बच्चा किसी बड़े कॉलेज में पढ़े या अपना खुद का स्टार्टअप शुरू करे, लेकिन बजट की कमी अक्सर इन अरमानों की राह में बाधा बन जाती है। इसी समस्या का हल पेश करते हुए भारतीय जीवन बीमा निगम (LIC) ने अपनी 'जीवन तरुण' (Jeevan Tarun) योजना के जरिए एक ऐसा वित्तीय ढांचा तैयार किया है, जो छोटी बचत को एक विशाल फंड में तब्दील कर सकता है।
निवेश का गणित: रोज ₹150 और भविष्य में ₹26 लाख
यह स्कीम उन परिवारों के लिए वरदान है जो भारी-भरकम निवेश नहीं कर सकते, लेकिन निरंतर बचत में विश्वास रखते हैं।
-
पॉकेट फ्रेंडली सेविंग: यदि आप रोजाना केवल 150 रुपये बचाने का लक्ष्य रखते हैं, तो यह महीने में 4,500 रुपये और सालाना 54,000 रुपये का निवेश बनता है।
-
मुनाफे का जादू: अगर आप अपने एक वर्षीय शिशु के नाम यह पॉलिसी शुरू करते हैं, तो 25 साल की अवधि पूरी होने पर आपको लगभग 26 लाख रुपये की एकमुश्त राशि मिल सकती है। इस फंड में आपके द्वारा जमा की गई राशि के साथ एलआईसी का वार्षिक बोनस और अतिरिक्त लाभ भी जुड़ते हैं।
क्या है 'जीवन तरुण' की खासियत?
यह एक नॉन-लिंक्ड प्लान है, जिसका मतलब है कि आपका पैसा शेयर बाजार के उतार-चढ़ाव से पूरी तरह सुरक्षित है। इसकी संरचना बच्चों की उम्र के महत्वपूर्ण पड़ावों को ध्यान में रखकर बनाई गई है:
-
प्रवेश की आयु: इस योजना का लाभ 90 दिन के नवजात से लेकर 12 वर्ष तक के बच्चों के लिए लिया जा सकता है।
-
मनी-बैक का सहारा: जब बच्चा 20 साल का होकर उच्च शिक्षा के लिए कदम बढ़ाता है, तब से लेकर 24 साल की उम्र तक उसे प्रतिवर्ष एक निश्चित राशि मिलती रहती है। यह 'सर्वाइवल बेनिफिट' कॉलेज की फीस और हॉस्टल खर्चों के लिए काफी मददगार साबित होता है।
-
फाइनल मैच्योरिटी: बच्चे के 25वें वर्ष में पहुंचने पर पॉलिसी पूरी हो जाती है और बोनस समेत शेष राशि का भुगतान कर दिया जाता है।
टैक्स में छूट और लोन की सुविधा
LIC की यह पॉलिसी केवल बचत ही नहीं, बल्कि अतिरिक्त वित्तीय लाभ भी देती है:
-
आयकर में राहत: धारा 80C के तहत आपके द्वारा भरे गए प्रीमियम पर टैक्स छूट मिलती है। साथ ही, मैच्योरिटी पर मिलने वाली पूरी राशि धारा 10(10D) के तहत पूरी तरह टैक्स फ्री होती है।
-
इमरजेंसी फंड: यदि पॉलिसी के दौरान कभी नकदी की तत्काल आवश्यकता पड़ती है, तो आप इस पर लोन भी ले सकते हैं, जिससे आपकी तरलता (Liquidity) बनी रहती है।