Edited By jyoti choudhary,Updated: 11 Mar, 2026 03:32 PM

भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को एक बार फिर बड़ी गिरावट देखने को मिली। वैश्विक अनिश्चितता, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण बाजार दबाव में आ गया। कारोबार के दौरान BSE Sensex 1313 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि...
बिजनेस डेस्क: भारतीय शेयर बाजार में बुधवार को एक बार फिर बड़ी गिरावट देखने को मिली। वैश्विक अनिश्चितता, मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव और विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली के कारण बाजार दबाव में आ गया। कारोबार के दौरान BSE Sensex 1313 अंकों से ज्यादा टूट गया, जबकि Nifty 50 24,000 के स्तर से नीचे फिसल गया। इस गिरावट के कारण निवेशकों को करीब 2.5 लाख करोड़ रुपए का नुकसान हुआ।
कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1342.27 (1.72%) अंक गिरकर 76,863.71 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी करीब 394.75 (1.63%) अंक टूटकर 23,866.85 के स्तर पर आ गया।
किन शेयरों में सबसे ज्यादा गिरावट
सेंसेक्स में Axis Bank, Mahindra & Mahindra, Bajaj Finance, Bharti Airtel, HDFC Bank और Bajaj Finserv के शेयरों में 2 से 4 प्रतिशत तक की गिरावट देखी गई।
वहीं दूसरी ओर Adani Ports & SEZ, NTPC, Sun Pharmaceutical Industries और Tech Mahindra के शेयरों में हल्की बढ़त देखने को मिली।
सेक्टोरल इंडेक्स का हाल
सेक्टोरल इंडेक्स की बात करें तो ऑटो और बैंकिंग शेयरों में सबसे ज्यादा दबाव दिखा। निफ्टी ऑटो इंडेक्स करीब 2 प्रतिशत गिरकर सबसे बड़ा सेक्टोरल लूजर बना, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक इंडेक्स में भी करीब 1.8 प्रतिशत की गिरावट आई। वहीं फार्मा सेक्टर में हल्की तेजी दर्ज की गई।
बाजार में गिरावट के बड़े कारण
1. मिडिल ईस्ट में बढ़ता तनाव
ईरान, अमेरिका और इजरायल के बीच जारी तनाव ने वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है। हमलों और जवाबी कार्रवाई की खबरों के कारण निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं।
2. रुपए में कमजोरी
भारतीय रुपया डॉलर के मुकाबले कमजोर हुआ है। कमजोर मुद्रा से विदेशी निवेशकों की चिंता बढ़ जाती है और वे बाजार से पैसा निकालने लगते हैं।
3. विदेशी निवेशकों की बिकवाली
विदेशी संस्थागत निवेशक (FII) लगातार भारतीय बाजार में बिकवाली कर रहे हैं। हाल ही में उन्होंने हजारों करोड़ रुपए के शेयर बेचे हैं, जिससे बाजार पर दबाव बना हुआ है।
4. प्रॉफिट बुकिंग
पिछले कारोबारी सत्र में बाजार में तेज बढ़त देखने को मिली थी। इस तेजी के बाद कई निवेशकों ने मुनाफावसूली की, जिससे बाजार में गिरावट आ गई।
क्या कहते हैं बाजार विशेषज्ञ
विशेषज्ञों का कहना है कि जब तक वैश्विक तनाव और विदेशी निवेशकों की बिकवाली जारी रहेगी, तब तक बाजार में उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। हालांकि लंबी अवधि के निवेशकों के लिए गिरावट के दौरान अच्छी कंपनियों में निवेश के मौके बन सकते हैं।