Jharkhand : भर्ती घोटाले पर छात्रों का बड़ा ऐलान, आज सभी जिलों में CM सोरेन और राहुल गांधी का जलाएंगे पुतला

Edited By Updated: 16 Aug, 2026 06:11 AM

jharkhand students make a big announcement on the recruitment scam

झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब बेहद तेज हो गया है। आंदोलित छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर आगामी 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के घेराव का ऐलान किया है और स्पष्ट किया है कि जब तक मांगें पूरी...

रांचीः झारखंड में भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ छात्रों का विरोध प्रदर्शन अब बेहद तेज हो गया है। आंदोलित छात्रों ने अपनी मांगों को लेकर आगामी 20 अगस्त को मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के घेराव का ऐलान किया है और स्पष्ट किया है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होंगी, वे धरना स्थल पर डटे रहेंगे।

हेमंत सोरेन और राहुल गांधी के पुतले फूंकने की तैयारी '
JPSC-JSSC रिफॉर्म्स मंच' के अनुसार, प्रदर्शनकारी रविवार को झारखंड के सभी जिला मुख्यालयों में मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी के पुतले फूंकेंगे, जो पिछले कई हफ्तों से चल रहे इस आंदोलन में एक बड़ा टकराव माना जा रहा है। आंदोलनकारियों ने पहली बार मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के इस्तीफे की भी मांग की है। उनकी प्रमुख मांगों में JSSC CGL परीक्षा और 11वीं-13वीं JPSC परीक्षा को रद्द करना तथा पूरे मामले की सीबीआई (CBI) या झारखंड से बाहर के सेवानिवृत्त न्यायाधीशों के पैनल से स्वतंत्र जांच कराना शामिल है।

रांची में निकली भव्य तिरंगा यात्रा
शनिवार को आंदोलन के 22वें दिन, छात्रों ने देश के 80वें स्वतंत्रता दिवस के मौके पर रांची में एक भव्य 'तिरंगा यात्रा' निकाली। जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम (जो आंदोलन का मुख्य स्थल भी है) से अल्बर्ट एक्का चौक तक निकाली गई इस यात्रा में हजारों छात्र हाथों में राष्ट्रीय ध्वज थामे 'भारत माता की जय' और 'वंदे मातरम' के नारे लगाते हुए शामिल हुए। छात्रों का कहना है कि उनकी लड़ाई केवल कुछ परीक्षाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि राज्य की पूरी भर्ती प्रणाली में विश्वास बहाल करने के लिए है। रिफॉर्म्स मंच के अनुसार, "आजादी का मतलब केवल अंग्रेजों से मुक्ति नहीं, बल्कि अवसरों की असमानता, भ्रष्टाचार और अन्याय से भी मुक्ति है"।

भूख हड़ताल पर बैठे छात्र नेता को रोकने का आरोप
इस बीच, पिछले 14 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे जेएलकेएम (JLKM/JKLM) नेता देवेंद्र महतो ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महतो का आरोप है कि पुलिस प्रशासन ने उन्हें तिरंगा यात्रा में शामिल होने के लिए सदर अस्पताल से बाहर जाने से जबरन रोका। एक सामने आए वीडियो में सुरक्षाकर्मी उन्हें रोकते हुए और उनके समर्थकों से बीमार नेता को आराम करने देने की बात कहते दिख रहे हैं। महतो ने इस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा, "80 साल बाद हमें अहसास हुआ है कि हमें केवल नाममात्र की आजादी मिली है। मुझे किस संवैधानिक प्रावधान के तहत रोका जा रहा है?"। उन्होंने आंदोलन को भटकाने और कमजोर करने की कोशिशों का भी आरोप लगाया।

मुख्यमंत्री ने दिया कड़े कदम उठाने का आश्वासन
दूसरी ओर, मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में माना कि भर्ती परीक्षाओं पर उठे सवालों ने युवाओं के भरोसे को झकझोरा है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पेपर लीक या भ्रष्टाचार के दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वे कितने भी प्रभावशाली क्यों न हों। सोरेन ने परीक्षा प्रणाली में सुधार के लिए समयबद्ध वार्षिक कैलेंडर जारी करने, तकनीक के उपयोग, समय पर उत्तर कुंजी (answer keys) व ओएमआर (OMR) शीट जारी करने तथा जवाबदेही बढ़ाने के उपायों की घोषणा की है।

हालांकि, प्रदर्शनकारी छात्रों का कहना है कि अब केवल आश्वासनों से काम नहीं चलेगा और मुख्यमंत्री के इस्तीफे की मांग व पुतला दहन की घोषणा के साथ यह आंदोलन अब पूरी तरह से आर-पार की लड़ाई में बदल गया है।

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