केरल के मंत्री ने दिया संविधान विरोधी बयान, कांग्रेस समेत कई राजनीतिक दलों ने जताया विरोध

Edited By Yaspal,Updated: 05 Jul, 2022 04:57 PM

kerala minister gave anti constitution statement

केरल के मंत्री साजी चेरियन ने संविधान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह ‘‘शोषण को माफ करता है'''' और इसे इस तरह से लिखा गया है कि इसका इस्तेमाल देश के लोगों को ‘‘लूटने'''' के लिए किया जा सके। इस बयान पर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए...

नेशनल डेस्कः केरल के मंत्री साजी चेरियन ने संविधान की कड़ी आलोचना करते हुए कहा कि यह ‘‘शोषण को माफ करता है'' और इसे इस तरह से लिखा गया है कि इसका इस्तेमाल देश के लोगों को ‘‘लूटने'' के लिए किया जा सके। इस बयान पर विपक्ष ने कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए विजयन की अगुवाई वाली एलडीएफ सरकार से चेरियन को तुरंत हटाने की मांग की है। चेरियन ने दक्षिणी जिले के मल्लापल्ली में हाल ही में आयोजित एक राजनीतिक कार्यक्रम में यह बयान दिया था।

मंगलवार को क्षेत्रीय टेलीविजन चैनलों के इस भाषण को प्रसारित करने के बाद यह मुद्दा सामने आया। उन्होंने कहा, ‘‘हम सभी कहते हैं कि हमारे पास एक बेहतरीन तरीके से लिखा संविधान है, लेकिन मैं कहूंगा कि संविधान इस तरह से लिखा गया है कि इसका इस्तेमाल देश के लोगों को लूटने के लिए किया जा सके।'' राज्य विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी. डी. सतीशन सहित कई लोगों ने चेरियन के इस बयान की आलोचना की है।

मंत्री ने कहा, ‘‘हम सभी कहते हैं कि हमारे पास भारत में एक बेहतरीन लिखित संविधान है। लेकिन मैं कहूंगा, एक बेहतरीन संविधान, जो सबसे अधिक लोगों को लूटने का काम कर सकता है, देश में लिखा गया।'' मंत्री ने आरोप लगाया कि संविधान का संकलन ब्रिटिश सरकार द्वारा किया गया था और भारतीयों ने इसे इसी रूप में लिख दिया, जो देश में पिछले 75 साल से लागू है। उन्होंने कहा कि ‘धर्मनिरपेक्षता' और ‘लोकतंत्र' जैसे मूल्य बस इसके (संविधान) किनारों पर जोड़ दिये गये हैं।

मंत्री ने कहा कि वह इसकी दूसरे तरीके से व्याख्या करने वाले किसी भी व्यक्ति से सहमत नहीं होंगे। उन्होंने कहा कि हमारा देश एक ऐसा देश है, जो श्रमिकों के विरोध को स्वीकार नहीं करता है। उन्होंने कहा, ‘‘भारतीय संविधान वह है जो श्रमिकों के शोषण को सबसे अधिक क्षमा करता है।'' मंत्री ने दावा किया कि इसी कारण से देश में कॉरपोरेट क्षेत्र में ‘करोड़पति' बढ़े हैं। हालांकि, चेरियन की टिप्पणी मुख्य विपक्षी दल कांग्रेस और भाजपा को नागवार गुजरी।

टिप्पणी की कड़ी आलोचना करते हुए केपीसीसी अध्यक्ष के सुधाकरन और राज्य विधानसभा में नेता विपक्ष वी डी सतीशन ने मुख्यमंत्री विजयन से चेरियन को कैबिनेट से हटाने का अनुरोध किया या फिर कड़ी कानूनी कार्रवाई का सामना करने के लिए तैयार रहने की चेतावनी दी।

सतीशन ने कहा, ‘‘संविधान का अपमान करके साजी चेरियन ने पद की शपथ का उल्लंघन किया। उन्होंने न केवल संविधान निर्माताओं को अपमानित किया, बल्कि धर्मनिरपेक्षता और लोकतंत्र जैसे मूल्यों का भी अपमान किया। उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्हें मंत्रालय से बाहर कर दिया जाना चाहिए। अन्यथा, हम उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की मांग करेंगे।''

भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष के सुरेंद्रन ने भी चेरियन को तत्काल हटाने की मांग की और कहा कि उन्हें क्षण भर के लिए भी पद पर बने रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। सुरेंद्रन ने आरोप लगाया कि संविधान के प्रति मार्क्सवादी पार्टी के नेताओं का अनादर चेरियन के शब्दों के माध्यम से सामने आ गया।

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