क्या फिर लगेगा Lockdown?....भारत पर मंडरा रहा खतरा; अलर्ट मोड में सरकार

Edited By Updated: 25 Mar, 2026 06:46 PM

lockdown in india will a lockdown be imposed again

पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव और होर्मुज़ जलडमरूमध्य के बंद होने से वैश्विक कच्चे तेल की कीमतें $112 प्रति बैरल तक पहुँच गई हैं। कई एशियाई देशों में ईंधन की राशनिंग शुरू हो गई है। भारत में LPG की किल्लत और लॉकडाउन की अफवाहों के बीच प्रधानमंत्री मोदी ने...

नेशनल डेस्क: पश्चिम एशिया (मध्य पूर्व) में बढ़ते भू-राजनीतिक तनाव ने वैश्विक अर्थव्यवस्था की कमर तोड़ दी है। दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्ग, होर्मुज जलडमरूमध्य, से जहाजों की आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई है। यह जलडमरूमध्य वैश्विक तेल व्यापार की जीवनरेखा है, और इसके बंद होने से कच्चे तेल की कीमतें $112 प्रति बैरल के खतरनाक स्तर पर पहुंच गई हैं। 

इसका सीधा असर आम आदमी की जेब पर पड़ रहा है। परिवहन लागत बढ़ने से न केवल ईंधन, बल्कि किराना और आवश्यक वस्तुओं के दाम भी बढ़ रहे हैं। विशेष रूप से उर्वरकों (Fertilizers) की आपूर्ति रुकने से भविष्य में खाद्य संकट गहराने की आशंका है। 

वैश्विक परिदृश्य: शुरू हुआ राशनिंग का दौर 

ऊर्जा की कमी से जूझ रहे कई देशों ने अब सख्त कदम उठाने शुरू कर दिए हैं: 

जापान और दक्षिण कोरिया: ऊर्जा वाउचर और ईंधन राशनिंग लागू की गई है। 

दक्षिण एशिया: बांग्लादेश, फिलीपींस और श्रीलंका में पेट्रोल पंपों पर किलोमीटर लंबी कतारें देखी जा रही हैं। 

ऑस्ट्रेलिया: सरकार ने नागरिकों को केवल अनिवार्य यात्रा करने की सलाह दी है। 

भारत की स्थिति: चुनौतियां और सरकारी तैयारी 

भारत अपनी तेल जरूरतों का लगभग 80% हिस्सा इसी मार्ग से आयात करता है। वर्तमान में देश के कई हिस्सों में कुकिंग गैस (LPG) की भारी किल्लत देखी जा रही है। नए कनेक्शनों पर रोक लगा दी गई है और कई शहरों में लोग सिलेंडरों के लिए हफ़्तों इंतज़ार कर रहे हैं। 

स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने हाल ही में संसद में अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि था कि भारत को "कोविड-काल जैसी तैयारी और समन्वय" दिखाना होगा। हालांकि, उन्होंने आश्वस्त किया कि वर्तमान में पेट्रोल-डीजल की आपूर्ति सुचारू है, लेकिन भविष्य की चुनौतियों से निपटने के लिए आयात मार्गों में विविधता लाई जा रही है। उनके इस बयान से स्पष्ट है कि तेल की कमी आने वाले दिनों में खल सकती है। लोगों में भी डर बना हुआ दिखा जब यूपी के अंबेडकर नगर और हैदराबाद में लोगों की पेट्रोल पंप पर भीड़ लग गई। हालांकि, अभी तेल की कमी नजर नहीं आ रहे, परंतु ईरान- इजराइल की जंग को देखते हुए चिंता का डर सताया हुआ है।

इंटरनेट पर "Lockdown in India" की सर्च में भारी उछाल

24 मार्च की तारीख (2020 के लॉकडाउन की बरसी) के करीब आते ही इंटरनेट पर "Lockdown in India" की सर्च में भारी उछाल देखा गया है। विशेषज्ञों का कहना है कि यह केवल कोविड की पुरानी यादों और वर्तमान अनिश्चितता के कारण पैदा हुआ डर है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल किसी भी प्रकार के लॉकडाउन की योजना नहीं है, बल्कि ध्यान 'आपूर्ति प्रबंधन' और 'ऊर्जा संरक्षण' पर है। 

सरकार के एहतियाती कदम: 

घरेलू प्राथमिकता: निर्यात के बजाय घरेलू मांग को पूरा करने पर जोर। 

टास्क फोर्स का गठन: ऊर्जा, भोजन और सप्लाई चेन की निगरानी के लिए विशेष अधिकार प्राप्त समूहों की नियुक्ति। 

औद्योगिक कटौती: ईंधन बचाने के लिए गैर-जरूरी उद्योगों की गैस आपूर्ति में कटौती।

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