Edited By Radhika,Updated: 26 Jul, 2026 11:58 AM

इस साल 28 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। इसी के साथ इस दिन पर होने वाली एक खगोलीय घटना भी चर्चा का विषय बनी है। दरअसल इस बार रक्षाबंधन के ही दिन चंद्रग्रहण लग रहा है। इसी के साथ कुछ लोगों के मन में सूतक काल में राखी बांधने को लेकर मन में...
Chandar Grahan 2026: इस साल 28 अगस्त को रक्षाबंधन का त्योहार मनाया जाएगा। इसी के साथ इस दिन पर होने वाली एक खगोलीय घटना भी चर्चा का विषय बनी है। दरअसल इस बार रक्षाबंधन के ही दिन चंद्रग्रहण लग रहा है। इसी के साथ कुछ लोगों के मन में सूतक काल में राखी बांधने को लेकर मन में कई सारे सवाल उठ रहे हैं। आइए जानते हैं इनसे जुड़ी महत्वपूर्ण बातों के बारे में-
इस दिन मनाया जाएगा रक्षाबंधन
हिंदू पंचांग के अनुसार, श्रावण माह की पूर्णिमा तिथि को रक्षाबंधन मनाया जाता है। वर्ष 2026 में यह त्योहार 28 अगस्त, शुक्रवार को मनाया जाएगा। इस दिन साल का दूसरा चंद्रग्रहण होगा,जो केवल आंशिक तौर पर होगा। इसमें चंद्रमा का कुछ हिस्सा पृथ्वी की छाया से ढक जाएगा, जिससे चंद्रमा का रंग तांबे जैसा या लाल नज़र आ सकता है (जिसे ब्लड मून भी कहा जाता है)। भारतीय समयानुसार ग्रहण सुबह सुबह 6:52 बजे से दोपहर 12:32 बजे तक रहेगा। यानि की इसकी कुल अवधि 5 घंटें 40 मिनट की होगी।

क्या भारत में लागू होगा सूतक काल?
भारत में यह चंद्रग्रहण दिखाई देगा। ऐसे में धार्मिक और ज्योतिष के नियमों के अनुसार जिस जगह पर ग्रहण नहीं दिखाई देता वहां पर सूटक काल मान्य नहीं होता। इसलिए, भारत में इस ग्रहण का कोई धार्मिक प्रभाव नहीं पड़ेगा। यानि की आप बिना किसी चिंता के अपने भाइयों को राखी बाँध सकती हैं।
इन बातों का रखें ख्याल
ज्योतिषाचार्यों का कहना है कि हालांकि भारत में ग्रहण नहीं दिखाई देगा, लेकिन भद्रकाल का खास ख्याल रखना होगा। सनातन धर्म में भद्रा काल के समय रखी बांधने को शुभ नहीं माना जाता। इसलिए राखी बांधने के लिए शुभ मुहूर्त चुने।