Edited By Pardeep,Updated: 26 Jun, 2026 02:04 AM

भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी महेश दीक्षित आसूचना ब्यूरो (आईबी) के नये प्रमुख होंगे।
नेशनल डेस्कः भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के वरिष्ठ अधिकारी महेश दीक्षित आसूचना ब्यूरो (आईबी) के नये प्रमुख होंगे। सूत्रों ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। सूत्रों ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अध्यक्षता वाली मंत्रिमंडल की नियुक्ति समिति ने आईबी प्रमुख के रूप में दीक्षित की नियुक्ति को मंजूरी दे दी है।
सूत्रों के मुताबिक, आंध्र प्रदेश कैडर के 1993 बैच के आईपीएस अधिकारी दीक्षित आईबी निदेशक के रूप में तपन कुमार डेका की जगह लेंगे। उन्होंने बताया कि दीक्षित फिलहाल आईबी में विशेष निदेशक के तौर पर काम कर रहे हैं और उनके पास जम्मू-कश्मीर में लंबे समय तक राज्य खुफिया ब्यूरो के प्रमुख के तौर पर काम करने का अनुभव है। एक पेशेवर चिकित्सक से कानून-प्रवर्तन अधिकारी बने दीक्षित के पास देश की प्रमुख आंतरिक खुफिया एजेंसी में लगभग तीन दशक का व्यापक अनुभव है।
उन्होंने पूर्वोत्तर और लद्दाख में अभियानों से लेकर नक्सल विरोधी प्रकोष्ठों तक अलग-अलग तरह की संवेदनशील जिम्मेदारियां संभाली हैं। दीक्षित आईबी में मजबूत जमीनी खुफिया नेटवर्क और आतंकवाद-रोधी मामलों में विशेषज्ञता के लिए जाने जाते हैं। वह श्रीनगर में सहायक आसूचना ब्यूरो के प्रमुख थे और अधिकारियों के अनुसार अनुच्छेद-370 को निष्प्रभावी बनाए जाने के बाद वहां आंतरिक स्थिरता बनाए रखने में उनकी महत्वपूर्ण भूमिका रही। पिछले वर्ष दीक्षित ने एक बड़े "सफेदपोश" आतंकवादी नेटवर्क का भंडाफोड़ करने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। उन्होंने श्रीनगर पुलिस की ओर से उपलब्ध कराई गई शुरुआती जानकारी के आधार पर यह अभियान चलाया था।
दीक्षित 30 जून को आसूचना ब्यूरो के प्रमुख के रूप में कार्यभार संभालेंगे। वह 1988 बैच के आईपीएस अधिकारी तपन कुमार डेका की जगह लेंगे, जिन्हें सरकार ने दो बार सेवा विस्तार दिया था। डेका को जून 2022 में दो वर्ष के लिए आसूचना ब्यूरो का प्रमुख नियुक्त किया गया था। उनका कार्यकाल 2024 और 2025 में दो बार बढ़ाया गया।
डेका को विशेष रूप से जम्मू-कश्मीर और देश के पूर्वोत्तर क्षेत्र में अभियानों का विशेषज्ञ माना जाता है। नवंबर 2008 में हुए मुंबई आतंकवादी हमले के दौरान जवाबी अभियानों की कमान उन्हीं के हाथों में थी। आतंकवाद और इस्लामी कट्टरपंथ से जुड़े मामलों को संभालने में दक्ष डेका ने इंडियन मुजाहिदीन के खिलाफ अभियानों का भी नेतृत्व किया। इंडियन मुजाहिदीन 2000 के दशक में देशभर में कई विध्वंसक गतिविधियों में शामिल रहा था।