Edited By Rahul Rana,Updated: 07 Aug, 2026 08:52 PM

मानसून सत्र के दौरान लगातार हो रही बारिश के बीच नए संसद भवन में सांसदों और कर्मचारियों को हो रही असुविधा को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बड़ा कदम उठाया है।
नई दिल्ली: मानसून सत्र के दौरान लगातार हो रही बारिश के बीच नए संसद भवन में सांसदों और कर्मचारियों को हो रही असुविधा को देखते हुए लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने बड़ा कदम उठाया है। उन्होंने संसद भवन के मकर द्वार पर पोर्च (छायादार प्रवेश संरचना) बनाने की संभावनाओं पर विचार करने के निर्देश दिए हैं। इस संबंध में लोकसभा अध्यक्ष ने केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD), संसद भवन के आर्किटेक्ट्स और अन्य संबंधित एजेंसियों के अधिकारियों के साथ बैठक की। बैठक में मकर द्वार पर पोर्च निर्माण की व्यवहार्यता पर चर्चा हुई।
प्रस्ताव करने के निर्देश
ओम बिरला ने अधिकारियों से कहा कि मकर द्वार पर पोर्च बनाने की संभावनाओं का विस्तृत अध्ययन कर जल्द प्रस्ताव तैयार किया जाए। उनका मानना है कि इससे बारिश और खराब मौसम के दौरान सांसदों, कर्मचारियों और अन्य लोगों को संसद भवन में आने-जाने में सुविधा मिलेगी। दरअसल, संसद का मानसून सत्र चल रहा है और दिल्ली में पिछले कुछ दिनों से लगातार बारिश हो रही है। ऐसे में कई सांसदों को संसद भवन में प्रवेश करते समय बारिश का सामना करना पड़ा।
कई तस्वीरें हो रही वायरल
सोशल मीडिया पर भी कई तस्वीरें और वीडियो सामने आए, जिनमें केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी समेत कई सांसद छाता लेकर मकर द्वार से संसद में प्रवेश करते दिखाई दिए। पुराने संसद भवन में कुछ प्रमुख प्रवेश द्वारों पर पोर्च की सुविधा उपलब्ध थी, जिससे बारिश और धूप के दौरान लोगों को राहत मिलती थी। नए संसद भवन के मकर द्वार पर फिलहाल ऐसी व्यवस्था नहीं है। इसी वजह से अब पुराने भवन की तर्ज पर यहां भी पोर्च बनाने की संभावना पर विचार किया जा रहा है।
एजेंसी से चर्चा
लोकसभा अध्यक्ष ने संबंधित एजेंसियों से तकनीकी और वास्तु संबंधी सभी पहलुओं का आकलन कर व्यवहार्यता रिपोर्ट सौंपने को कहा है। रिपोर्ट के आधार पर आगे निर्माण को लेकर निर्णय लिया जाएगा। यदि प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है, तो मकर द्वार पर पोर्च बनने से संसद भवन में आने वाले सांसदों, अधिकारियों, कर्मचारियों और अन्य अधिकृत विजिटर को बारिश और तेज धूप से राहत मिलेगी।