Manipur Violence: मणिपुर में 6 ग्रामीणों के शव मिलने से फिर भड़का तनाव, CM की दोटूक- 'चुप नहीं बैठेगी सरकार'

Edited By Updated: 11 Jun, 2026 08:54 AM

manipur government will not remain a mute spectator to atrocities cm khemchand

मणिपुर के कांगपोकपी जिले में छह शव मिलने के बाद मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने कहा कि राज्य सरकार अत्याचारों को मूकदर्शक बनकर नहीं देखेगी। बुधवार देर रात जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। माना जा रहा है कि ये शव नगा समुदाय के उन छह लोगों...

Manipur Violence : मणिपुर के कांगपोकपी जिले में छह शव मिलने के बाद मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने कहा कि राज्य सरकार अत्याचारों को मूकदर्शक बनकर नहीं देखेगी। बुधवार देर रात जारी एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई। माना जा रहा है कि ये शव नगा समुदाय के उन छह लोगों के हैं जिन्हें 13 मई को कांगपोकपी जिले के लेइलोन वैफेई गांव से अगवा किया गया था। 

पुलिस ने बताया कि मणिपुर पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और असम राइफल्स के लगभग 450 जवानों ने खोजी कुत्तों और फोरेंसिक दलों की मदद से करीब 24 घंटे तक लगातार तलाशी अभियान चलाया जिसके बाद बुधवार दोपहर इन छह लोगों के शव बरामद किए गए। उन्होंने कहा, माना जा रहा है कि मरने वाले लोग वे हैं जिन्हें 13 मई 2026 को लेइलोन वैफेई से बंधक बनाया गया था। 

PunjabKesari

ये शव उस घटना के एक दिन बाद मिले हैं जब मणिपुर के सेनापति जिले में लगभग एक महीने पहले हथियारबंद समूहों द्वारा अगवा किए गए 14 कुकी लोगों को रिहा किया गया था। सिंह ने पीड़ित परिवारों के प्रति गहरी संवेदना व्यक्त की और इस नृशंस घटना की कड़ी निंदा की। उन्होंने कहा कि सरकार इस तरह की हिंसा बर्दाश्त नहीं करेगी और इन अत्याचारों को मूकदर्शक बनकर नहीं देखेगी। 

उन्होंने कहा कि हत्या के लिए जिम्मेदार लोगों को गिरफ्तार किया जाएगा और कानून के अनुसार सजा दी जाएगी। बयान के अनुसार राज्य सरकार ने छह नगा ग्रामीणों के अपहरण की जांच राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) को सौंप दी है। छह लोगों के शवों को देर रात करीब दो बजे इंफाल के जेएनआईएमएस मुर्दाघर लाया गया जहां उनकी हत्या के विरोध में बड़ी संख्या में लोगों के जमा होने के बाद तनाव फैल गया। 

PunjabKesari

प्रदर्शनकारियों ने अस्पताल की संपत्ति को थोड़ा नुकसान पहुंचाया जिसके बाद उन्हें तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों को आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। मणिपुर में नगाओं की शीर्ष संस्था, यूनाइटेड नगा काउंसिल ने हत्याओं की निंदा की और इस जघन्य कृत्य में कथित संलिप्तता के लिए कुकी नेशनल फ्रंट-प्रेसिडेंट ग्रुप (केएनएफ-पी) को आतंकवादी संगठन घोषित करने की मांग की। 

PunjabKesari

इस संस्था ने कुकी उग्रवादियों के साथ सस्पेंशन ऑफ ऑपरेशंस (एसओओ) समझौते को रद्द करने की मांग की। उन्होंने मणिपुर की उपमुख्यमंत्री नेमचा किपजेन को तुरंत पद से हटाने की भी मांग की। उनका आरोप है कि किपजेन, केएनएफ-पी के अध्यक्ष थांगबोई किपजेन की पत्नी हैं। 

Related Story

img title
img title

Be on the top of everything happening around the world.

Try Premium Service.

Subscribe Now!