Edited By Sanjeev,Updated: 07 Oct, 2026 08:03 AM

ओडिशा के रहने वाले असम राइफल्स के जवान वी. तेजा की नागालैंड में ड्यूटी के दौरान गोली लगने से मौत हो गई। उनका पार्थिव शरीर रायगढ़ा लाया गया, जहां सैकड़ों लोगों ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि देने के लिए एक विशाल मोटरसाइकिल रैली और जुलूस में हिस्सा लिया।...
रायगढ़ा (ओडिशा) : ओडिशा के रहने वाले असम राइफल्स के जवान वी. तेजा की नागालैंड में ड्यूटी के दौरान गोली लगने से मौत हो गई। उनका पार्थिव शरीर रायगढ़ा लाया गया, जहां सैकड़ों लोगों ने शहीद जवान को श्रद्धांजलि देने के लिए एक विशाल मोटरसाइकिल रैली और जुलूस में हिस्सा लिया। 31 वर्षीय तेजा 2022 में सेना में शामिल हुए थे और नागालैंड में तैनात थे। उन्हें 7 अक्टूबर को अपना जन्मदिन मनाना था और दिसंबर में होने वाली शादी से पहले दिवाली के लिए घर लौटना था।
उनके सम्मान में रायगढ़ा से लगभग 10 किलोमीटर दूर से एक विशाल मोटरसाइकिल रैली आयोजित की गई। इस जुलूस में सैकड़ों लोगों ने भाग लिया, जिसमें आतिशबाजी, डीजे संगीत और "शहीद जवान अमर रहे" के नारे लगाए गए। 15 असम राइफल्स के नायब सूबेदार रवींद्र कुमार नाइक ने कहा कि उनकी जिम्मेदारी शहीद जवान का शव लाने और उसे उनके परिवार को सौंपने की थी।
उन्होंने कहा, 'मेरी जिम्मेदारी थी कि मैं शहीद का शव यहां लाऊं और तुरंत परिवार को सौंप दूं, हालांकि, पूरी जानकारी पोस्टमार्टम के बाद ही पता चलेगी, जिसमें एक हफ्ता लगेगा। तेजा नाम का यह जवान चार्ली कंपनी का था, जबकि मैं अल्फा कंपनी से हूं, इसलिए मुझे उनकी मौत के कारण के बारे में कोई जानकारी नहीं है। आप कल आने वाले स्टाफ सदस्यों से और जानकारी ले सकते हैं। मुझे कल दोपहर 12 बजे शव सौंपने की ड्यूटी दी गई थी, हालांकि मौत की खबर सुबह 10 बजे ही मिल गई थी।'
शहीद जवान के मामा ने बताया कि परिवार को एक संदेश मिला था जिसमें कहा गया था कि ड्यूटी के दौरान गोली लगने से तेजा की मौत हो गई। उन्होंने बताया कि तेजा नागालैंड में राइफलमैन के तौर पर तैनात थे और उनका पार्थिव शरीर शाम तक रायगढ़ा पहुंच जाएगा। तेजा की मौत से उनके माता-पिता और परिवार वाले गहरे सदमे में हैं, वहीं रिश्तेदार, पड़ोसी और बड़ी संख्या में लोग उन्हें श्रद्धांजलि देने के लिए उनके घर के बाहर जमा हुए।
खबरों के मुताबिक तेजा ने करीब दो साल पहले अपने अंग दान करने का संकल्प लिया था। उनकी मौत के बाद एक स्थानीय अस्पताल ने उनकी इच्छा के अनुसार उनके अंग सफलतापूर्वक निकाले और सुरक्षित रखे। शहीद जवान के पार्थिव शरीर को हेलीकॉप्टर से विशाखापत्तनम ले जाया गया और उसके बाद एम्बुलेंस से रायगढ़ ले जाया गया। जिला प्रशासन गुरुवार सुबह तेजा को श्रद्धांजलि देने की तैयारी कर रहा है और उनका अंतिम संस्कार सुबह 7 बजे शुरू होगा। यह घटना 29 सितंबर को अरुणाचल प्रदेश में भारत-म्यंमार सीमा के पास हुए हमले के कुछ दिनों बाद हुई है, जिसमें हवलदार जानखोकाई कुकी शहीद हो गए थे और चार अन्य घायल हो गए थे।