Edited By Mansa Devi,Updated: 27 Mar, 2026 10:58 AM

देश में बढ़ती महंगाई का असर अब दवाओं पर भी दिखने वाला है। 1 अप्रैल 2026 से कई जरूरी दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी होने जा रही है।
नेशनल डेस्क: देश में बढ़ती महंगाई का असर अब दवाओं पर भी दिखने वाला है। 1 अप्रैल 2026 से कई जरूरी दवाओं की कीमतों में बढ़ोतरी होने जा रही है। इसका असर खासतौर पर उन लोगों पर पड़ेगा, जो रोजाना दवाओं का सेवन करते हैं, जैसे कि बीपी, डायबिटीज या अन्य बीमारियों के मरीज।
एनपीपीए के फैसले के बाद बढ़ेंगे दाम
सरकार के अधीन काम करने वाली संस्था National Pharmaceutical Pricing Authority (NPPA) ने आवश्यक दवाओं की कीमत बढ़ाने की अनुमति दे दी है। इसके तहत राष्ट्रीय आवश्यक दवा सूची यानी National List of Essential Medicines (NLEM) में शामिल दवाओं के दाम में करीब 0.6% तक बढ़ोतरी की जाएगी।
इस फैसले के बाद 1 हजार से ज्यादा जरूरी दवाएं महंगी हो जाएंगी।
इन दवाओं पर पड़ेगा असर कीमत बढ़ने का असर उन दवाओं पर पड़ेगा, जिनका इस्तेमाल आमतौर पर हर घर में होता है:
बुखार और दर्द की दवाएं: Paracetamol, Ibuprofen, Diclofenac
डायबिटीज और बीपी की दवाएं: Metformin, Glimepiride, Amlodipine, Telmisartan
कोलेस्ट्रॉल और दिल की दवाएं: Atorvastatin, Aspirin
पेट और सांस की दवाएं: Pantoprazole, Omeprazole, Salbutamol
एंटीबायोटिक्स: Amoxicillin, Azithromycin, Ciprofloxacin
इसके अलावा विटामिन C, फोलिक एसिड, आयरन सप्लीमेंट, कुछ वैक्सीन और कैंसर से जुड़ी दवाएं भी इस सूची में शामिल हैं।
कितनी बढ़ेगी कीमत?
सरकार के अनुसार, इन दवाओं की कीमतों में केवल करीब 0.65% तक ही बढ़ोतरी होगी। यानी अगर कोई दवा पहले 100 रुपये की मिलती थी, तो अब उसकी कीमत लगभग 100.65 रुपये हो जाएगी।
आम लोगों पर कितना असर पड़ेगा?
हालांकि यह बढ़ोतरी बहुत ज्यादा नहीं है, लेकिन जो लोग रोजाना कई दवाओं का इस्तेमाल करते हैं, उनके खर्च में थोड़ा इजाफा हो सकता है। वहीं, जो दवाएं इस सूची में शामिल नहीं हैं, उनकी कीमत कंपनियां साल में 10% तक बढ़ा सकती हैं। कुल मिलाकर, दवाओं की कीमत में यह बढ़ोतरी छोटी जरूर है, लेकिन लंबे समय में यह आम लोगों के मासिक खर्च को प्रभावित कर सकती है।