अफ्रीका में भारत की रक्षा ताकत बढ़ाएगा टाटा ग्रुप, मोरक्को में अब बख्तरबंद सैन्य वाहन बनाने की तैयारी

Edited By Updated: 18 Oct, 2026 01:04 PM

morocco could become an even bigger defence production base for tata

टाटा की रक्षा इकाई मोरक्को में सैन्य वाहन निर्माण का विस्तार कर सकती है। रिपोर्टों के अनुसार, वहां 8×8 बख्तरबंद वाहनों के बाद हल्के बहुउद्देशीय बख्तरबंद वाहन बनाने की योजना है। कंपनी ने इसकी पुष्टि नहीं की है। परियोजना से मोरक्को में रोजगार, स्थानीय...

New Delhi: भारतीय उद्योग समूह टाटा की रक्षा उत्पादन इकाई मोरक्को में अपनी विनिर्माण गतिविधियों का विस्तार कर सकती है। अफ्रीका के प्रमुख विनिर्माण देशों में शामिल मोरक्को में कंपनी पहले से ही बख्तरबंद सैन्य वाहन बना रही है। अब वहां हल्के बहुउद्देशीय बख्तरबंद वाहन (एलएएमवी) के उत्पादन की संभावना जताई जा रही है।हालांकि, मोरक्कोवर्ल्डन्यूज की रिपोर्ट में सामने आई इस योजना की टाटा की ओर से अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। यदि यह योजना आगे बढ़ती है, तो इससे उत्तरी अफ्रीका में कंपनी की रक्षा उत्पादन क्षमता बढ़ सकती है और क्षेत्रीय बाजारों में उसकी पहुंच मजबूत हो सकती है।

 

टाटा की मोरक्को स्थित इकाई का नाम टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स मारोक है। इसकी स्थापना सितंबर 2025 में भारत और मोरक्को के बीच रणनीतिक साझेदारी के तहत की गई थी। इसका प्रमुख उद्देश्य मोरक्को की शाही सशस्त्र सेनाओं के लिए 8×8 पहियों वाले बख्तरबंद लड़ाकू वाहन बनाना है। भविष्य में इन वाहनों की आपूर्ति अन्य अंतरराष्ट्रीय ग्राहकों को भी की जा सकती है। कंपनी का कारखाना कैसाब्लांका के पास बेर्रेशिद में स्थित है। यह उत्तरी अफ्रीका में टाटा की पहली विदेशी रक्षा उत्पादन इकाई है। मोरक्को के राष्ट्रीय रक्षा प्रशासन की शुरुआती योजना के अनुसार, कारखाने में इस्तेमाल होने वाले 35 प्रतिशत कलपुर्जे स्थानीय स्तर पर जुटाए जाने थे। घरेलू आपूर्तिकर्ताओं की क्षमता बढ़ने के साथ इस हिस्सेदारी को 50 प्रतिशत तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है।

 
आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, कारखाने का क्षेत्रफल लगभग 20,000 वर्ग मीटर है। इसके उद्घाटन के समय इससे सीधे तौर पर 90 रोजगार और अप्रत्यक्ष रूप से 250 अतिरिक्त रोजगार पैदा होने का अनुमान जताया गया था।  इस परियोजना का उद्देश्य केवल सैन्य वाहन बनाना नहीं है। इसके जरिए मोरक्को में रक्षा उद्योग को विकसित करना, कुशल रोजगार पैदा करना और देश को बख्तरबंद वाहनों के निर्माण तथा निर्यात का केंद्र बनाना भी शामिल है। अफ्रीकी देशों के बाजार इस रणनीति के लिए खास महत्व रखते हैं।यदि एलएएमवी के उत्पादन की योजना पर मुहर लगती है, तो मोरक्को में टाटा की रक्षा गतिविधियों का दायरा और बढ़ सकता है। लेकिन फिलहाल इसे प्रस्तावित विस्तार के रूप में ही देखा जाना चाहिए।


अफ्रीका में कारोबार बढ़ा रहा है टाटा समूह
पिछले एक साल में टाटा समूह ने अफ्रीका में अपने कारोबार के विस्तार की दिशा में कई कदम उठाए हैं। सितंबर में टाटा मोटर्स ने इटली की वाहन निर्माता कंपनी इवेको के लिए 3.82 अरब यूरो के अधिग्रहण प्रस्ताव को औपचारिक रूप दिया था। प्रस्ताव के तहत टाटा मोटर्स ने इवेको के प्रत्येक सामान्य शेयर के लिए 14.10 यूरो देने और कंपनी की पूरी हिस्सेदारी हासिल करने की योजना रखी थी। इवेको के सबसे बड़े शेयरधारक एक्सोर ने अपनी 27.06 प्रतिशत हिस्सेदारी प्रस्ताव के तहत देने की प्रतिबद्धता जताई थी। इवेको के निदेशक मंडल ने भी शेयरधारकों को प्रस्ताव स्वीकार करने की सिफारिश की थी। इस सौदे का मुख्य उद्देश्य भारत और अन्य उभरते बाजारों में टाटा की मजबूती को इवेको के यूरोपीय वाणिज्यिक वाहन कारोबार के साथ जोड़ना है। इवेको अफ्रीका के कुछ बाजारों, जिनमें दक्षिण अफ्रीका भी शामिल है, में ट्रक, बस और निर्माण संबंधी वाहन बेचती है।

 

केन्या में कारोबार को लेकर चुनौती
जहां टाटा समूह अफ्रीका के कुछ हिस्सों में विस्तार कर रहा है, वहीं केन्या में उसे नीतिगत चुनौती का सामना करना पड़ा। रिपोर्ट के मुताबिक, केन्या के राष्ट्रपति विलियम रूटो ने टाटा समूह की एक अन्य कंपनी टाटा केमिकल्स को देश में अपना परिचालन बंद करने का निर्देश दिया था। यह कदम छोटे विदेशी कारोबारों को समाप्त करने की उनकी योजना के तहत उठाया गया बताया गया। इस तरह मोरक्को में रक्षा उत्पादन का संभावित विस्तार टाटा समूह की अफ्रीका रणनीति का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन सकता है। इससे स्थानीय विनिर्माण, रोजगार और निर्यात को बढ़ावा मिलने की संभावना है। हालांकि, एलएएमवी के उत्पादन को लेकर कंपनी की आधिकारिक घोषणा का इंतजार है।
 

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