Edited By Ramanjot,Updated: 23 Jul, 2026 12:07 PM

गठबंधन के एक वरिष्ठ नेता ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह मामला युवाओं के भविष्य और उनके सेंटीमेंट से जुड़ा हुआ है। इसलिए सरकार को संभलकर आगे बढ़ने की जरूरत है।
नेशनल डेस्क: NEET में गड़बड़ी के मुद्दे पर केंद्र सरकार भले ही अपने सहयोगियों के साथ मजबूत और एकजुट नजर आ रही हो, लेकिन अंदर ही अंदर एनडीए के घटक दलों में छटपटाहट देखने को मिल रही है। सरकार के सहयोगी दलों का मानना है कि यह मामला केवल कानून-व्यवस्था से जुड़ा हुआ नहीं है, बल्कि छात्रों की भावनाओं से जुड़ा है, इसलिए इसका जल्द और ठोस समाधान निकाला जाना चाहिए।
"यह मामला युवाओं के भविष्य से जुड़ा"- वरिष्ठ नेता
गठबंधन के एक वरिष्ठ नेता ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि यह मामला युवाओं के भविष्य और उनके सेंटीमेंट से जुड़ा हुआ है। इसलिए सरकार को संभलकर आगे बढ़ने की जरूरत है। बिहार से ताल्लुक रखने वाले एनडीए के एक वरिष्ठ नेता के अनुसार, हालिया गठबंधन बैठक में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के रुख से साफ जाहिर होता है कि केंद्र सरकार एक 'फूलप्रूफ' परीक्षा प्रणाली विकसित करने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। इसके साथ ही उन्होंने यह भी माना कि इस समय सरकार के सामने बड़ी चुनौती छात्रों के बीच बनी इस धारणा को तोड़ना है कि प्रशासन इस मुद्दे पर कुछ नहीं कर रहा। एक अन्य प्रमुख नेता ने कहा कि इस विवाद को और लंबा खींचने की बजाय जल्द से जल्द सुलझाना चाहिए।
संसद परिसर में विपक्ष के कई सदस्यों का प्रदर्शन
बता दें कि गुरुवार को संसद परिसर में मकर द्वार के पास विपक्ष के कई सदस्यों ने विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने परीक्षा के पेपर लीक होने को लेकर देश भर में हो रहे विरोध के बीच केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को पद से हटाने की अपनी मांग दोहराई। कांग्रेस संसदीय दल (CPP) की अध्यक्ष सोनिया गांधी भी इस प्रदर्शन में विपक्षी सांसदों के साथ शामिल हुईं।