Edited By Tanuja,Updated: 16 Sep, 2026 03:27 PM

उत्तरी अरब सागर में 15 सितंबर की शाम भारतीय नौसेना के एक युद्धपोत और पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज की टक्कर हुई। भारत ने पाकिस्तानी कार्यवाहक राजनयिक को तलब कर कड़ा विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय ने पाकिस्तानी नौसैनिक आचरण को अस्वीकार्य बताया और 1991 के...
New Delhi: अरब सागर में भारत और पाकिस्तान की नौसेना के जहाजों के बीच हुई टक्कर ने दोनों देशों के बीच समुद्री मोर्चे पर तनाव बढ़ा दिया है। घटना 15 सितंबर की शाम उत्तरी अरब सागर के अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई। भारत के विदेश मंत्रालय ने बुधवार को नई दिल्ली स्थित पाकिस्तान उच्चायोग के प्रभारी राजनयिक को तलब कर औपचारिक विरोध दर्ज कराया। विदेश मंत्रालय के अनुसार, पाकिस्तान के कार्यवाहक राजनयिक को पाकिस्तानी नौसैनिक इकाइयों के “अस्वीकार्य और गैर-पेशेवर आचरण” को लेकर भारत की कड़ी आपत्ति से अवगत कराया गया। मंत्रालय ने कहा कि इसी आचरण के कारण भारतीय नौसेना की एक इकाई के साथ टक्कर हुई।
भारतीय सूत्रों के मुताबिक, पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज एक नियमित निगरानी मिशन पर तैनात भारतीय नौसेना के अग्रिम पंक्ति के युद्धपोत के करीब पहुंचा। सूत्रों का दावा है कि पाकिस्तानी जहाज ने तेज रफ्तार में आगे बढ़ते हुए असुरक्षित और गैर-पेशेवर तरीके से दिशा बदली, जिसके बाद दोनों जहाजों की टक्कर हुई।हालांकि, घटना में किसी बड़े नुकसान की सूचना नहीं है। विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में हुई इस घटना से कोई बड़ा नुकसान नहीं हुआ। भारत ने इस घटना को केवल समुद्री दुर्घटना मानकर छोड़ने के बजाय 1991 के भारत-पाकिस्तान समझौते का मुद्दा भी उठाया है। विदेश मंत्रालय के मुताबिक, पाकिस्तानी नौसैनिक जहाज का आचरण अप्रैल 1991 में हुए सैन्य अभ्यास, युद्धाभ्यास और सैनिक गतिविधियों की पूर्व सूचना संबंधी समझौते के अनुच्छेद 10 के सीधे विपरीत था।
भारत ने पाकिस्तान के कार्यवाहक राजनयिक से कहा कि वह पाकिस्तान के संबंधित अधिकारियों तक यह संदेश पहुंचाएं कि समुद्र में तैनात सभी सैन्य इकाइयों को उचित सावधानी बरतनी चाहिए और दोनों देशों के बीच लागू समझौतों के प्रावधानों का सम्मान करना चाहिए, ताकि ऐसी घटना दोबारा न हो। भारत ने केवल दिल्ली में पाकिस्तानी राजनयिक को तलब करने तक मामला सीमित नहीं रखा है। विदेश मंत्रालय ने इस्लामाबाद में तैनात भारतीय कार्यवाहक राजनयिक को भी पाकिस्तान के विदेश मंत्रालय के सामने इसी मुद्दे पर विरोध दर्ज कराने का निर्देश दिया है। घटना को लेकर भारत ने अपना पक्ष स्पष्ट कर दिया है, लेकिन उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार पाकिस्तान की ओर से तत्काल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई ।