Edited By jyoti choudhary,Updated: 16 Sep, 2026 03:49 PM

केंद्र सरकार ने कर्मचारियों की सामाजिक सुरक्षा को लेकर बड़ा फैसला लिया है। केंद्रीय कैबिनेट ने EPF और EPS के अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा ₹15,000 से बढ़ाकर ₹25,000 प्रति माह करने को मंजूरी दी है। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने बुधवार को
नई दिल्लीः केंद्र सरकार ने लाखों कर्मचारियों को बड़ा तोहफा दिया है। केंद्रीय मंत्रिमंडल ने बुधवार को कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के तहत अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा के लिए वेतन सीमा को मौजूदा 15,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए प्रति माह करने को मंजूरी दे दी। इस फैसले से 51 लाख से अधिक अतिरिक्त कर्मचारियों के ईपीएफओ के अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा दायरे में आने की उम्मीद है। वेतन सीमा में यह बदलाव 12 साल बाद किया गया है। इससे कर्मचारियों के एक बड़े वर्ग को भविष्य निधि, पेंशन और संबंधित बीमा सुरक्षा का लाभ मिलेगा। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट के फैसलों की जानकारी दी।
करीब 12 साल बाद बदली वेतन सीमा
EPFO की अनिवार्य कवरेज के लिए वेतन सीमा लंबे समय से नहीं बदली थी। अश्विनी वैष्णव के मुताबिक, 2004 से 2014 के बीच इसमें कोई बदलाव नहीं हुआ था। सितंबर 2014 में इसे बढ़ाकर ₹15,000 प्रति माह किया गया था। अब करीब 12 साल बाद सरकार ने इसमें फिर बढ़ोतरी करते हुए नई सीमा ₹25,000 कर दी है।
किन कर्मचारियों को मिलेगा फायदा?
मौजूदा व्यवस्था में ₹15,000 से अधिक मासिक वेतन पर नौकरी शुरू करने वाला कर्मचारी अपने आप अनिवार्य EPF कवरेज के दायरे में नहीं आता था। नई सीमा लागू होने के बाद ₹15,000 से ₹25,000 तक मासिक वेतन पाने वाले कर्मचारियों का एक बड़ा हिस्सा अनिवार्य सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था के दायरे में आ सकेगा।
इससे पात्र कर्मचारियों को EPF, EPS और EDLI से जुड़े लाभ नियमों के अनुसार मिल सकेंगे।
EPF के साथ पेंशन और इंश्योरेंस का भी लाभ
नई व्यवस्था के तहत सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ने की उम्मीद है।
- EPF: रिटायरमेंट के लिए बचत की सुविधा
- EPS: पात्र कर्मचारियों के लिए पेंशन सुरक्षा
- EDLI: EPF सदस्यों के लिए बीमा सुरक्षा
इन योजनाओं का लाभ संबंधित नियमों और पात्रता शर्तों के अनुसार मिलेगा।
सरकार पर कितना बढ़ेगा खर्च?
वेतन सीमा बढ़ाने के फैसले से सरकार के बजटीय खर्च में भी बढ़ोतरी होगी। आधिकारिक अनुमान के मुताबिक, सरकार पर करीब ₹11,339 करोड़ का सालाना खर्च आएगा। फिलहाल सरकार करीब ₹10,250 करोड़ सालाना बजटीय सहायता देती है। पांच साल की अवधि में इस फैसले पर अनुमानित कुल खर्च करीब ₹56,696 करोड़ रहने का अनुमान है।
EPFO से जुड़े हैं करीब 8 करोड़ योगदानकर्ता
EPFO देश की प्रमुख सामाजिक सुरक्षा व्यवस्थाओं में से एक है। उपलब्ध आंकड़ों के मुताबिक, इसके तहत करीब 7.98 करोड़ योगदान करने वाले सदस्य और करीब 7.68 लाख योगदान करने वाले प्रतिष्ठान जुड़े हैं। वहीं, EPS के तहत करीब 82 लाख पेंशनभोगियों को पेंशन का लाभ मिल रहा है। EDLI योजना EPF सदस्यों को बीमा सुरक्षा प्रदान करती है।
सीमा बढ़ने से क्या होगा?
12% योगदान दर के हिसाब से कर्मचारी का अनिवार्य EPF योगदान हर महीने 1,800 रुपए से बढ़कर 3,000 रुपए हो जाएगा। इसका आसान मतलब यह है कि कर्मचारी को हर महीने 1,200 रुपए ज्यादा PF में जमा करना पड़ सकता है। सालभर में यह बढ़ोतरी 14,400 रुपए की होगी।
इस बदलाव का असली असर इस बात पर निर्भर करेगा कि नई सीमा को कैसे लागू किया जाता है और अभी कंपनियां कर्मचारी की पूरी योग्य सैलरी पर योगदान करती हैं या सिर्फ तय कानूनी सीमा तक योगदान करती हैं। तय कानूनी सीमा से ज्यादा रकम पर PF में योगदान करना पहले से ही अपनी इच्छा से करने की सुविधा रही है।