Edited By SHUKDEV PRASAD,Updated: 23 Mar, 2026 05:40 PM

तमिलनाडु में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने सीट बंटवारे का फॉर्मूला घोषित कर दिया है।
Tamil Nadu Election 2026: तमिलनाडु में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA) ने सीट बंटवारे का फॉर्मूला घोषित कर दिया है। इस गठबंधन में सबसे बड़ी साझेदार AIADMK को 178 सीटें दी गई हैं, जबकि Bharatiya Janata Party 27 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। इसके अलावा PMK को 18 और AMMK को 11 सीटें मिली हैं। राज्य की कुल 234 सीटों पर एनडीए संयुक्त रूप से चुनावी मैदान में उतरेगा।
चेन्नई में हुआ औपचारिक समझौता
सीट बंटवारे को लेकर चेन्नई स्थित AIADMK मुख्यालय में आधिकारिक समझौते पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरान केंद्रीय मंत्री Piyush Goyal और AIADMK नेता Edappadi K. Palaniswami मौजूद रहे। बैठक में भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष Nainar Nagendran, PMK प्रमुख Anbumani Ramadoss और AMMK के नेता T. T. V. Dhinakaran ने भी भाग लिया।
कब होंगे चुनाव? जानिए पूरा शेड्यूल
Election Commission of India के अनुसार तमिलनाडु में मतदान 23 अप्रैल 2026 को एक ही चरण में कराया जाएगा।
- कुल मतदाता: 5.67 करोड़
- पुरुष: 2.77 करोड़
- महिला: 2.89 करोड़
- ट्रांसजेंडर: 7,617
राज्य विधानसभा का कार्यकाल 10 मई 2026 को समाप्त हो रहा है।
पीयूष गोयल का सरकार पर निशाना
सीट बंटवारे के बाद Piyush Goyal ने भरोसा जताया कि एनडीए एकजुट होकर चुनाव लड़ेगा और बड़ी जीत हासिल करेगा। उन्होंने मुख्यमंत्री M. K. Stalin और उपमुख्यमंत्री Udhayanidhi Stalin पर निशाना साधते हुए राज्य में विकास ठप होने का आरोप लगाया।
तमिलनाडु में बदला राजनीतिक समीकरण
पिछले कई दशकों से तमिलनाडु की राजनीति DMK और AIADMK के इर्द-गिर्द घूमती रही है। हालांकि इस बार मुकाबला और दिलचस्प हो गया है:
- कांग्रेस, DMK के साथ
- भाजपा, AIADMK के साथ
- फिल्म स्टार Vijay की नई पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam भी मैदान में
2021 के चुनाव में DMK ने 133 सीटें जीतकर सत्ता हासिल की थी, जबकि AIADMK 66 सीटों पर सिमट गई थी।
क्या इस बार बदलेगा सत्ता का खेल?
नए गठबंधन समीकरण और नए राजनीतिक खिलाड़ियों की एंट्री ने इस बार के चुनाव को काफी रोमांचक बना दिया है। एनडीए का दावा है कि वह इस बार तमिलनाडु में मजबूत वापसी करेगा, वहीं सत्ताधारी DMK भी अपनी पकड़ बनाए रखने के लिए पूरी ताकत लगा रही है।