Edited By Rohini Oberoi,Updated: 21 May, 2026 01:15 PM

झारखंड में नक्सलवाद और उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को आज एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। राज्य की पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा की मौजूदगी में प्रतिबंधित संगठन 'भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)' से जुड़े कुल 27 सक्रिय माओवादियों ने हिंसा...
Jharkhand Maoists Surrender : झारखंड में नक्सलवाद और उग्रवाद के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान को आज एक ऐतिहासिक सफलता मिली है। राज्य की पुलिस महानिदेशक (DGP) तदाशा मिश्रा की मौजूदगी में प्रतिबंधित संगठन 'भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी)' से जुड़े कुल 27 सक्रिय माओवादियों ने हिंसा का रास्ता छोड़कर आत्मसमर्पण (Surrender) कर दिया। सुरक्षा बलों के बढ़ते दबाव और मुख्यधारा में लौटने की नीति से प्रभावित होकर इन उग्रवादियों ने पुलिस और अर्धसैनिक बलों के वरिष्ठ अधिकारियों के सामने अपने हथियार डाल दिए।
अधिकारियों ने बताया कि प्रतिबंधित भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (माओवादी) से जुड़े उग्रवादियों ने झारखंड पुलिस, झारखंड जगुआर और केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) सहित अन्य इकाइयों के वरिष्ठ अधिकारियों के समक्ष हथियार डाल दिए। एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा, विभिन्न मामलों में वांछित 27 माओवादियों ने 'ऑपरेशन नवजीवन' के तहत पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया।
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2026 में कुल 22 माओवादी मारे गए, 44 गिरफ्तार किए गए और 29 ने आत्मसमर्पण किया। हम शेष बचे कुछ माओवादियों से मुख्यधारा में लौटने की अपील करते हैं। मिश्रा ने कहा कि राज्य में उग्रवाद को खत्म करने के लिए सुरक्षा बलों के संयुक्त प्रयास जारी रहेंगे। उन्होंने कहा कि आज आत्मसमर्पण करने वाले 27 माओवादियों का पुनर्वास किया जाएगा। सीआरपीएफ के आईजी साकेत सिंह ने कहा, जिन्होंने आत्मसमर्पण नहीं किया है हम उन लोगों से अपील करते हैं कि वे हिंसा का मार्ग त्यागकर मुख्यधारा में आ जाएं।