Edited By Radhika,Updated: 28 May, 2026 12:35 PM

तमिलनाडु में बकरीद के मौके पर मद्रास उच्च न्यायालय ने विजय थलापति की सरकार को एक सख्त निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने बकरीद के मौके पर गाय और बछड़े की बलि देने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। कोर्ट ने सख्त लहजे में हिदायत दी है कि बकरीद के...
नेशनल डेस्क: तमिलनाडु में बकरीद के मौके पर मद्रास उच्च न्यायालय ने विजय थलापति की सरकार को एक सख्त निर्देश जारी किए हैं। कोर्ट ने बकरीद के मौके पर गाय और बछड़े की बलि देने पर पूरी तरह से प्रतिबंध लगा दिया गया है। कोर्ट ने सख्त लहजे में हिदायत दी है कि बकरीद के मौके पर या किसी भी अन्य दिन पूरे तमिलनाडु में कहीं भी गाय अथवा बछड़े की हत्या नहीं होनी चाहिए।
याचिका पर आया अदालत का फैसला
यह महत्वपूर्ण फैसला जस्टिस जीआर स्वामिनाथन और जस्टिस वी लक्ष्मीनारायणन की खंडपीठ ने कोयंबटूर के निवासी के. सूर्या द्वारा दायर की गई एक याचिका पर सुनाया। याचिकाकर्ता ने कोर्ट के समक्ष यह चिंता जताई थी कि बकरीद के दौरान बकरों की बलि के साथ-साथ राज्य के कई अनधिकृत और खुले स्थानों पर गायों की बलि देने की भी गुपचुप तैयारियां की जा रही हैं। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अदालत ने याचिका को स्वीकार कर लिया और राज्य सरकार को आदेश जारी किए।
मुख्य सचिव और पुलिस प्रशासन को आदेश
हाईकोर्ट ने तमिलनाडु के मुख्य सचिव और अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) को निजी तौर पर इस आदेश का सख्ती से अनुपालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी है। कोर्ट ने साफ किया है इसके लिए तुरंत उच्च अधिकारियों को और पुलिस विभागों को दिशा-निर्देश भेजे जाएं ताकि कानून का उल्लंघन न हो।
संविधान के अनुच्छेद 48 और इतिहास का दिया हवाला
कोर्ट ने अपने ने अपने फैसले का आधार भारतीय संविधान के अनुच्छेद 48 (Article 48) को बनाया, जिसके तहत राज्य सरकारों का यह दायित्व है कि वे गायों, बछड़ों और अन्य दुधारू या उपयोगी मवेशियों के वध को रोकने के लिए उचित कदम उठाएं।