बिना विकल्प के कॉलेजियम प्रणाली की आलोचना करने का कोई मतलब नहीं: पूर्व सीजेआई

Edited By Updated: 13 Nov, 2022 12:33 AM

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भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश टी एस ठाकुर ने शनिवार को कहा कि न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर विकल्प मुहैया कराए बिना कॉलेजियम प्रणाली की आलोचना करने का कोई मतलब नहीं है। उनकी टिप्पणी कॉलेजियम प्रणाली के बारे में सरकार सहित विभिन्न तबकों से आलोचना

नई दिल्लीः भारत के पूर्व प्रधान न्यायाधीश टी एस ठाकुर ने शनिवार को कहा कि न्यायाधीशों की नियुक्ति को लेकर विकल्प मुहैया कराए बिना कॉलेजियम प्रणाली की आलोचना करने का कोई मतलब नहीं है। उनकी टिप्पणी कॉलेजियम प्रणाली के बारे में सरकार सहित विभिन्न तबकों से आलोचना की पृष्ठभूमि के मद्देनजर आई है। 

न्यायमूर्ति ठाकुर ने कहा, ‘‘हर दिन आप किसी को यह कहते हुए पढ़ेंगे कि कॉलेजियम प्रणाली सही प्रणाली नहीं है। कोई भी यह नहीं कह सकता है कि न्यायाधीशों की नियुक्ति के लिए कॉलेजियम प्रणाली सबसे उत्तम प्रणाली है, लेकिन कॉलेजियम प्रणाली में सुधार किया जा सकता है जैसा कि प्रधान न्यायाधीश ने हाल ही में उल्लेख किया था।" वह स्पष्ट रूप से न्यायमूर्ति डी वाई चंद्रचूड़ की टिप्पणी का जिक्र कर रहे थे, जिन्होंने नौ नवंबर को प्रधान न्यायाधीश के रूप में शपथ ली थी। ठाकुर दिसंबर 2015 से जनवरी 2017 तक प्रधान न्यायाधीश थे। 

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