Edited By Rohini Oberoi,Updated: 27 Jan, 2026 10:38 AM

क्या अब बच्चे इंस्टाग्राम, फेसबुक और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे? गोवा सरकार एक ऐसे क्रांतिकारी फैसले की ओर कदम बढ़ा रही है जो देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के...
Social Media Ban for Minors : क्या अब बच्चे इंस्टाग्राम, फेसबुक और टिकटॉक जैसे प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे? गोवा सरकार एक ऐसे क्रांतिकारी फैसले की ओर कदम बढ़ा रही है जो देशभर में चर्चा का विषय बन गया है। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत की सरकार 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर पूरी तरह प्रतिबंध (Ban) लगाने की योजना बना रही है। इस योजना का मुख्य मकसद बच्चों को मानसिक तनाव और स्क्रीन की लत से बचाकर उनकी पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करवाना है।

ऑस्ट्रेलियाई मॉडल पर आधारित होगा कानून
गोवा के आईटी मंत्री रोहन खौंटे ने बताया कि राज्य सरकार ऑस्ट्रेलिया के उस सख्त कानून का अध्ययन कर रही है जिसमें हाल ही में 16 साल से कम उम्र के बच्चों पर सोशल मीडिया बैन लागू किया गया है। मंत्री ने कहा कि उन्हें बड़ी संख्या में अभिभावकों (Parents) की शिकायतें मिल रही हैं कि बच्चे सोशल मीडिया के कारण पढ़ाई से दूर हो रहे हैं और उनका व्यवहार चिड़चिड़ा होता जा रहा है। आईटी विभाग ऑस्ट्रेलियाई नीति के तकनीकी और कानूनी पहलुओं की जांच कर रहा है ताकि इसे गोवा की परिस्थितियों के अनुसार लागू किया जा सके।

इन ऐप्स पर लग सकती है रोक
अगर यह कानून लागू होता है तो 16 साल से छोटे बच्चे निम्नलिखित प्लेटफॉर्म्स का उपयोग नहीं कर सकेंगे:
-
Instagram (इंस्टाग्राम)
-
TikTok (टिकटॉक - भारत में पहले से ही प्रतिबंधित, पर अन्य अंतरराष्ट्रीय ऐप्स भी शामिल होंगे)
-
Facebook (फेसबुक)
-
Snapchat (स्नैपचैट)

दुनियाभर में बढ़ रहा है ये ट्रेंड
गोवा सरकार का यह कदम वैश्विक स्तर पर हो रहे बदलावों से प्रेरित है। ऑस्ट्रेलिया के अलावा फ्रांस और ब्रिटेन जैसे देश भी इसी तरह के कड़े कानून लाने पर विचार कर रहे हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि सोशल मीडिया का अत्यधिक उपयोग बच्चों में साइबर बुलिंग और एंग्जायटी जैसी समस्याओं को जन्म दे रहा है।

अगला कदम क्या होगा?
आईटी विभाग अपनी रिपोर्ट जल्द ही मुख्यमंत्री को सौंपेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि गोवा के आगामी विधानसभा सत्र में इस प्रतिबंध को लेकर कोई बड़ी घोषणा या विधेयक (Bill) पेश किया जा सकता है।