PM मोदी के जन्मदिन पर राजनाथ सिंह ने कहा, महान नेता सपनों को हकीकत में बदल देता है

Edited By Updated: 17 Sep, 2026 05:06 PM

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रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि एक अच्छा नेता वह होता है जो देश के लिए बड़े सपने देखता है, जबकि एक महान नेता उन सपनों को वास्तविकता में बदल देता है। राजनाथ ने कहा कि मोदी जी ने अपने व्यक्तित्व, नेतृत्व और कार्यों से जीवन में महानता...

वाराणसीः रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने बृहस्पतिवार को कहा कि एक अच्छा नेता वह होता है जो देश के लिए बड़े सपने देखता है, जबकि एक महान नेता उन सपनों को वास्तविकता में बदल देता है। राजनाथ ने कहा कि मोदी जी ने अपने व्यक्तित्व, नेतृत्व और कार्यों से जीवन में महानता हासिल कर ली है। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी को भारत को विकास के एक नए पथ पर ले जाने का श्रेय दिया। वाराणसी में मोदी के 76वें जन्मदिन पर 'सेवा संकल्प अभियान' की शुरुआत के मौके पर सिंह ने कहा कि महान नेता केवल सपने नहीं देखते, बल्कि उन सपनों को जमीन पर भी उतारते हैं।

सिंह ने कहा कि मोदी ने 13 वर्षों तक गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में और पिछले 12 वर्षों से प्रधानमंत्री के रूप में सेवा की है, जिससे निरंतर जनसेवा के उनके 25 वर्ष पूरे हुए हैं। सिंह ने कहा, ''जिंदगी लंबी नहीं, बड़ी (सार्थक और महत्वपूर्ण) होनी चाहिए। प्रधानमंत्री मोदी ने अपने नेतृत्व, दृष्टिकोण और समर्पण से यह हासिल किया है। पिछले 25 सालों से वे पूरे समर्पण के साथ संवैधानिक पदों की ज़िम्मेदारियां निभा रहे हैं और आने वाले दशकों तक देश की सेवा करते रहेंगे। अभी तो सिर्फ आधी पारी ही खेली गई है।''

उन्होंने कहा कि मोदी की विरासत सिर्फ सरकारी फाइलों में दर्ज बातों तक सीमित नहीं रहेगी, बल्कि लोगों की यादों और भावनाओं में भी बसी रहेगी। सिंह ने अनुच्छेद 370 को हटाने, नक्सलवाद के खिलाफ़ कोशिशों, गरीबी दूर करने, संसद में महिलाओं की भागीदारी और संघर्ष वाले इलाकों से भारतीयों को सुरक्षित निकालने जैसे मुद्दों का ज़िक्र किया जो उनकी विरासत का हिस्सा बनेंगे। सिंह ने छोटे उद्यमियों को उनके पैरों पर खड़ा करने में 'मुद्रा योजना', युवाओं को उनके बिजनेस आइडिया पर भरोसा दिलाने में 'स्टार्टअप इंडिया' और कौशल को रोजगार से जोड़ने में 'स्किल इंडिया' की भूमिका को सराहा। उन्होंने कहा कि तीन करोड़ से अधिक महिलाएं 'लखपति दीदी' बन चुकी हैं। गुजरात के मुख्यमंत्री के तौर पर मोदी के कार्यकाल का ज़िक्र करते हुए सिंह ने 2001 के भूकंप को याद किया और कहा कि मोदी ने राज्य के विकास की गति को 'टेस्ट मैच से बदलकर वन-डे क्रिकेट मैच जैसा' बना दिया। उन्होंने गुजरात की 'समरस ग्राम योजना' का भी जिक्र किया, जिसके तहत आम सहमति से गांव के मुखिया चुने जाते थे।

उन्होंने कहा कि इससे गांवों को विरोधी गुटों में बंटने से बचाने में मदद मिली। सिंह ने कहा कि मोदी का नजरिया यह है कि जहां दूसरे लोग समस्याएं देखते हैं, वहां वे समाधान और संभावनाएं देखते हैं। उन्होंने स्थानीय कला-कौशल, कृषि उत्पादों और पारंपरिक उद्योगों को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय बाजारों तक पहुंचाने की कोशिशों के उदाहरण के तौर पर 'एक जिला, एक उत्पाद' पहल का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि भारत एक आर्थिक और सांस्कृतिक शक्ति के रूप में उभरा है। उन्होंने योग के प्रसार और काशी, उज्जैन के महाकाल मंदिर, गुवाहाटी के कामाख्या मंदिर और अयोध्या के राम मंदिर समेत धार्मिक स्थलों के पुनर्विकास का भी हवाला दिया।

सिंह ने लाल किले से स्वच्छता का मुद्दा उठाने के मोदी के फैसले को भी याद किया और छत्तीसगढ़ की 104 वर्षीय कुंवर बाई का उदाहरण दिया, जिन्होंने मोदी की अपील सुनकर शौचालय बनवाने के लिए अपनी बकरियां बेच दी थीं। वर्ष 2014 से पहले और बाद के भारत की तुलना करते हुए, सिंह ने बदलावों के उदाहरण के तौर पर एलपी्जी कनेक्शन, आयुष्मान भारत कार्ड, घरों में बिजली, एलईडी लाइटिंग, 5जी कनेक्टिविटी और यूपीआई के जरिए डिजिटल पेमेंट का जिक्र किया। सिंह ने रक्षा उत्पादन में हुई बढ़ोतरी पर भी प्रकाश डाला और कहा कि यह 2014 से पहले के लगभग 40,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 1.8 लाख करोड़ रुपये से अधिक हो गया है, जबकि रक्षा निर्यात लगभग 600 करोड़ रुपये से बढ़कर 40,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गया है।

उन्होंने 'सर्जिकल स्ट्राइक', बालाकोट में हवाई हमला और 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र करते हुए कहा कि देश इन अभियानों में सशस्त्र बलों की भूमिका को कभी नहीं भूलेगा। 'सेवा संकल्प' यात्रा का जिक्र करते हुए सिंह ने कहा कि यह सिर्फ वाराणसी से वडनगर तक की यात्रा नहीं है, बल्कि मोदी की जन्मभूमि को उनकी 'कर्मभूमि' से जोड़ने की एक कोशिश है। सिंह ने मोदी के लंबे और स्वस्थ जीवन की कामना करते हुए कहा, "जीवन सिर्फ लंबा ही नहीं, बल्कि महान भी होना चाहिए।" उन्होंने कहा कि काशी ने मोदी के सार्वजनिक जीवन को नई ऊर्जा और गंगा का आशीर्वाद दिया है, जबकि वडनगर ने उन्हें उनकी मां हीराबेन का आशीर्वाद और उनके मूल्यों की नींव दी है।


 

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