Edited By Radhika,Updated: 05 Aug, 2026 11:14 AM

राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसदों ने प्रेरणा स्थल पर गांधी प्रतिमा से संसद के मकर द्वार तक मार्च किया। यह मार्च 20 जुलाई को CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 'पुलिस कार्रवाई', अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी और अन्य...
Parliament Monsoon Session 2026: राहुल गांधी, प्रियंका गांधी वाड्रा और अन्य विपक्षी सांसदों ने प्रेरणा स्थल पर गांधी प्रतिमा से संसद के मकर द्वार तक मार्च किया। यह मार्च 20 जुलाई को CJP प्रदर्शनकारियों के खिलाफ 'पुलिस कार्रवाई', अयोध्या राम मंदिर चंदे में कथित हेराफेरी और अन्य मुद्दों को लेकर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के खिलाफ विरोध जताने के लिए किया गया था। इस बीच, कांग्रेस सांसद प्रियंका गांधी वाड्रा ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कथित पुलिस कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार से सख्त जवाबदेही की मांग की। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों को युवा नागरिकों के खिलाफ बल प्रयोग का आदेश देने की पूरी जिम्मेदारी लेनी चाहिए।
पत्रकारों से बात करते हुए वाड्रा ने कहा कि भारत एक लोकतांत्रिक देश है; "यह किसी का शाही दरबार नहीं है।" उन्होंने यह जानने की मांग की कि लाठीचार्ज और पैलेट गन के इस्तेमाल की इजाजत किसने दी। उन्होंने कहा, "सार्वजनिक पद पर बैठे लोगों की जनता के प्रति कुछ जिम्मेदारियां होती हैं। यह लोकतंत्र है, तानाशाही नहीं; यह किसी का शाही दरबार नहीं है। इसलिए, अगर ऐसी घटनाएं हुई हैं, अगर बच्चों पर गोलियां चलाई गई हैं, पैलेट गन का इस्तेमाल हुआ है, आंसू गैस छोड़ी गई है या लाठीचार्ज का आदेश दिया गया है, तो किसी न किसी को जवाबदेह ठहराया जाना चाहिए। किसी ने तो वे आदेश दिए होंगे, और उन्हें जिम्मेदारी लेनी चाहिए।" इससे पहले मंगलवार को संसद के दोनों सदनों की कार्यवाही बार-बार स्थगित करनी पड़ी, क्योंकि विपक्ष 20 जुलाई के छात्र विरोध-प्रदर्शन के संबंध में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से बयान की मांग कर रहा था।
विपक्षी दलों ने 20 जुलाई को कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के नेतृत्व में हुए विरोध मार्च के दौरान दिल्ली पुलिस द्वारा किए गए लाठीचार्ज और पैलेट गन के कथित इस्तेमाल को लेकर शाह पर अपना हमला तेज कर दिया है। वे सरकार से जवाबदेही की मांग कर रहे हैं और संसद में बार-बार यह मुद्दा उठा रहे हैं। सोमवार को कांग्रेस अध्यक्ष और राज्यसभा में विपक्ष के नेता मल्लिकार्जुन खड़गे ने भी मांग की कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह संसद आएं और हाल ही में छात्रों के विरोध-प्रदर्शन पर हुई कार्रवाई और कथित तौर पर "गायब फंड" के मामले में सरकार का पक्ष रखें। ANI से बात करते हुए खड़गे ने कहा, "हम चाहते हैं कि प्रधानमंत्री और गृह मंत्री सदन में आएं और अपनी बात रखें। वे क्या कहना चाहते हैं? गायब फंड का मुद्दा है। इस पर उनका क्या रुख है?" जंतर-मंतर पर 20 जुलाई को हुए छात्र विरोध-प्रदर्शन से निपटने के तरीके को लेकर सरकार पर निशाना साधते हुए खड़गे ने आरोप लगाया कि प्रदर्शनकारियों के खिलाफ बहुत ज़्यादा बल प्रयोग किया गया। उन्होंने कहा, "छात्रों की पिटाई की गई, पैलेट गन का इस्तेमाल किया गया, आंसू गैस छोड़ी गई और उनके खिलाफ हर संभव कदम उठाया गया। ऐसा क्यों हुआ? किस वजह से? प्रधानमंत्री और गृह मंत्री दोनों को जिम्मेदारी लेनी चाहिए और सदन में बयान देना चाहिए।"