Edited By Anu Malhotra,Updated: 05 Aug, 2026 01:38 PM

मेटा की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। NHRC की बेंच, जिसके प्रमुख सदस्य प्रियांक कानूनगो हैं, उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को आयोग के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन भेजा है। यह समन इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े...
नई दिल्ली : मेटा की मुश्किलें और बढ़ गई हैं। NHRC की बेंच, जिसके प्रमुख सदस्य प्रियांक कानूनगो हैं, उन्होंने दिल्ली पुलिस कमिश्नर को आयोग के सामने व्यक्तिगत रूप से पेश होने के लिए समन भेजा है। यह समन इंस्टाग्राम पर बच्चों के यौन शोषण और दुर्व्यवहार से जुड़े कंटेंट (CSEAM) की उपलब्धता के मामले में जांच रिपोर्ट न सौंपने के कारण भेजा गया है।
नेशनल ह्यूमन राइट्स कमीशन (NHRC) ने दो दिन पहले एक नया नोटिस जारी किया और साथ ही BBC की रिपोर्ट के आधार पर शुरू हुई पिछली जांच पर भी नज़र बनाए रखी है। 3 अगस्त के नोटिस में, कमीशन ने एक नॉन-प्रॉफिट फाउंडेशन की शिकायत पर संज्ञान लिया। इस फाउंडेशन को इंस्टाग्राम और फेसबुक पर पोर्नोग्राफिक और उम्र के हिसाब से अनुपयुक्त लिंक के बारे में गुमनाम जानकारी मिली थी, जिनमें CSAM हो सकता था।
फाउंडेशन ने जांच के लिए लिंक की एक लिस्ट भी साथ लगाई और साफ़ किया कि POCSO एक्ट, 2012 और IT एक्ट, 2000 का पालन करते हुए उन्होंने उस कंटेंट को न तो एक्सेस किया, न डाउनलोड किया, न देखा और न ही स्टोर किया।
NHRC ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय (MeitY) के सचिव, पश्चिम बंगाल, चंडीगढ़, हरियाणा, ओडिशा और नई दिल्ली के पुलिस महानिदेशकों (DGP) और मेटा के लॉ एनफोर्समेंट हेड (भारत) को निर्देश दिया कि वे एक हफ़्ते के भीतर की गई कार्रवाई की विस्तृत रिपोर्ट सौंपें।
ऊपर बताए गए राज्यों की पुलिस को आदेश दिया गया है कि वे अपनी साइबर क्राइम यूनिट/स्पेशल जुवेनाइल पुलिस यूनिट के ज़रिए इन URL की जांच करें, संज्ञेय अपराध (cognisable offences) पाए जाने पर FIR दर्ज करें, इसमें शामिल लोगों की पहचान कर उन पर कानूनी कार्रवाई करें, MeitY, मेटा, I4C और NCRB के साथ तालमेल बिठाएं और पहचान किए गए पीड़ित बच्चों को तुरंत बचाकर चाइल्ड वेलफेयर कमिटी के सामने पेश करें।