Edited By Rohini Oberoi,Updated: 05 Aug, 2026 09:23 AM

श्रीलंका के चाय उत्पादक पर्वतीय (Hill Country) इलाकों में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 7 लोगों की जान चली गई है जबकि कई लोग घायल हुए हैं। बिगड़ते हालातों को देखते हुए प्रभावित...
कोलंबो : श्रीलंका के चाय उत्पादक पर्वतीय (Hill Country) इलाकों में पिछले दो दिनों से हो रही मूसलाधार बारिश ने भारी तबाही मचाई है। बाढ़ और भूस्खलन की घटनाओं में कम से कम 7 लोगों की जान चली गई है जबकि कई लोग घायल हुए हैं। बिगड़ते हालातों को देखते हुए प्रभावित इलाकों में स्कूलों को बंद कर दिया गया है। अधिकारियों के अनुसार लगातार हो रही बारिश से देश के कई हिस्सों में घर, खेत और प्रमुख सड़कें पानी में डूब गई हैं।
पिछले दो दिनों से जारी मूसलाधार बारिश के कारण देश के कई हिस्सों में घर, खेत और सड़कें जलमग्न हो गई हैं। सरकारी आपदा प्रबंधन केंद्र के अनुसार मध्य श्रीलंका के पर्वतीय क्षेत्र सबसे अधिक प्रभावित हुए हैं। आपदा प्रबंधन केंद्र के प्रवक्ता प्रदीप कोडिप्पिली ने बताया कि मध्य क्षेत्र में भूस्खलन में दो मकान दब गए जिससे कम से कम पांच लोगों की मौत हो गई। इसके अलावा बाढ़ से दो अन्य लोगों की जान चली गई। इस आपदा में तीन लोग घायल हुए हैं।
उन्होंने बताया कि 291 मकानों को नुकसान पहुंचा है और लगभग 3,500 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने के लिए नौसेना और सेना के जवान राहत एवं बचाव कार्य में मदद कर रहे हैं। कुछ इलाकों में भूस्खलन का भी खतरा बना हुआ है। स्थानीय समाचार चैनलों ने मध्य क्षेत्र की कई सड़कों पर विशाल चट्टानों, मलबे और गिरे हुए बिजली के खंभों के कारण यातायात बाधित होने के दृश्य भी प्रसारित किए।
यह आपदा ऐसे समय आई है जब श्रीलंका पिछले वर्ष नवंबर में आए चक्रवात 'दित्वा' से हुए भारी नुकसान से अब भी उबरने की कोशिश कर रहा है। इस चक्रवात में लगभग 640 लोगों की मौत हुई थी 20 लाख लोग प्रभावित हुए थे और करीब 4.1 अरब अमेरिकी डॉलर का नुकसान हुआ था।