प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर लहूलुहान हुए युवाओं की आंखों में देखें PM मोदी, खरगे ने प्रधानमंत्री के भाषण को बताया खोखला उपदेश

Edited By Updated: 23 Jul, 2026 11:45 AM

pm modi should look into the eyes of the youths left bloodied during the protest

कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए उनसे कहा कि वे प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर लहूलुहान हुए युवाओं की आंखों में देखें। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश...

नेशनल डेस्क: कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने बृहस्पतिवार को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी पर निशाना साधते हुए उनसे कहा कि वे प्रदर्शन के दौरान सड़कों पर लहूलुहान हुए युवाओं की आंखों में देखें। इससे पहले, प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने बृहस्पतिवार को कहा कि देश के युवाओं का कल्याण और हित सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता है तथा उनके भविष्य से खिलवाड़ करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा। खरगे ने इसके बाद कहा कि युवाओं के लिए सभी दरवाजे बंद कर दिए गए हैं और उन्होंने सवाल किया कि वे कहां जाएं।

खरगे ने सोशल मीडिया पर कहा-

खरगे ने परीक्षाओं में अनियमितताओं के खिलाफ विद्यार्थियों के प्रदर्शन का उल्लेख करते हुए सोशल मीडिया मंच 'एक्स' पर कहा, ''नरेन्द्र मोदी जी, आपके शासन में शिक्षा व्यवस्था खोखली हो गई है। हमें खोखले उपदेश या टुकड़ों में की गई घोषणाएं नहीं चाहिए। आपकी सरकार ने युवाओं पर लाठीचार्ज किया, 'पेलेट गन' और बिजली का झटका देने वाली लाठियों का इस्तेमाल किया तथा बिना किसी जवाबदेही के उनके साथ अंधाधुंध क्रूरता की, मानो वे हमारे अपने बच्चे न हों।'' उन्होंने कहा, ''अपने वातानुकूलित आलीशान दफ्तरों से बाहर आइए और आपकी तानाशाही के खिलाफ लड़ते हुए सड़कों पर लहूलुहान हुए युवक-युवतियों की आंखों में देखिए।''

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कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं की केवल ये तीन मांगें

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि युवाओं की केवल तीन मांगें हैं- ''पहली, शिक्षा मंत्री प्रधान को तत्काल बर्खास्त किया जाए; दूसरी, दमनात्मक कार्रवाई और अत्याचार के लिए माफी मांगी जाए तथा तीसरी, जिन लोगों को निशाना बनाया गया, उन्हें न्याय दिया जाए।'' खरगे ने यह भी आरोप लगाया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) ने शिक्षा व्यवस्था पर कब्जा कर लिया है। कांग्रेस नेता ने कहा, ''आवधिक श्रम बल सर्वेक्षण (पीएलएफएस) के अनुसार युवाओं में बेरोजगारी बढ़कर 29 प्रतिशत हो गई है। निजी क्षेत्र में नौकरियां नहीं हैं और स्थायी सरकारी नौकरियां गिनी-चुनी हैं। ठेके पर नियुक्तियां चरम पर हैं। सभी दरवाजे बंद हैं।

युवा अपने भविष्य की सुरक्षा की मांग करने के लिए कहां जाएं?'' अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी) के महासचिव के. सी. वेणुगोपाल ने भी प्रधानमंत्री पर निशाना साधते हुए उनकी टिप्पणियों को पूरी तरह ''दिखावा'' बताया। उन्होंने कहा, ''यदि मोदी सोचते हैं कि युवा इससे संतुष्ट हो जाएंगे तो वह भ्रम में जी रहे हैं। उनकी मांगें स्पष्ट हैं- धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दें, प्रधानमंत्री मोदी माफी मांगें और शांतिपूर्ण प्रदर्शनकारियों पर हमला करने वालों को दंडित किया जाए।'' 

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