Edited By Pardeep,Updated: 23 Jul, 2026 11:39 PM

दिल्ली में NEET पेपर लीक को लेकर मचे भारी बवाल और छात्रों के उग्र प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है।
नई दिल्ली: दिल्ली में NEET पेपर लीक को लेकर मचे भारी बवाल और छात्रों के उग्र प्रदर्शनों के बीच केंद्र सरकार ने एक बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया है। सरकार ने कड़ा कदम उठाते हुए उच्च शिक्षा सचिव विनीत जोशी को उनके पद से हटा दिया है। उन्हें शिक्षा मंत्रालय से हटाकर अब पंचायती राज मंत्रालय में भेज दिया गया है। उनकी जगह अब नरेश पाल गंगवार को उच्च शिक्षा विभाग के सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
प्रशासनिक फेरबदल की बड़ी सूची: पेपर लीक विवाद के साये में हुए इस बड़े फेरबदल में केवल शिक्षा मंत्रालय ही नहीं, बल्कि कई अन्य विभागों में भी अधिकारियों के तबादले किए गए हैं:
- शिक्षा क्षेत्र में बदलाव: जहां नरेश पाल गंगवार उच्च शिक्षा की कमान संभालेंगे, वहीं टी. के. अनिल कुमार को स्कूली शिक्षा और साक्षरता विभाग का नया सचिव नियुक्त किया गया है।
अन्य महत्वपूर्ण नियुक्तियां:
- पीयूष गोयल को राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग (NHRC) का महासचिव बनाया गया है।
- चंद्र भूषण कुमार को श्रम और रोजगार मंत्रालय के सचिव का कार्यभार सौंपा गया है।
- सतेंद्र सिंह को कैबिनेट सचिवालय से हटाकर आवास और शहरी मामलों के मंत्रालय में शहरी विकास विभाग का सचिव नियुक्त किया गया है।
- केशव चंद्रा को खान मंत्रालय के सचिव की जिम्मेदारी मिली है।
- कतिकिथला श्रीनिवास अब उत्तर पूर्वी क्षेत्र विकास मंत्रालय के सचिव होंगे।
इन अधिकारियों को भी मिली नई जिम्मेदारी:
सरकार ने सुचिंद्र मिश्रा को अल्पसंख्यक मामलों के मंत्रालय में राष्ट्रीय अल्पसंख्यक आयोग का सचिव नियुक्त किया है। सुशील कुमार लोहानी को पशुपालन और डेयरी विभाग में विशेष कार्य अधिकारी (OSD) के रूप में तैनात किया गया है। इसके अलावा, बी. राजेंद्र लाल बहादुर शास्त्री राष्ट्रीय प्रशासन अकादमी (LBSNAA) के निदेशक के पद पर बने रहेंगे।
छात्रों के बढ़ते दबाव और पेपर लीक की घटनाओं पर घिरी सरकार के इस कदम को प्रशासन में कसावट लाने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।