Edited By Pardeep,Updated: 04 Jun, 2026 05:50 AM

भारतीय संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में 10 जून की तारीख स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐसा 'महा-रिकॉर्ड' बनाने जा रहे हैं, जिसने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के दशकों पुराने कीर्तिमान को भी पीछे...
नेशनल डेस्कः भारतीय संसदीय लोकतंत्र के इतिहास में 10 जून की तारीख स्वर्णिम अक्षरों में दर्ज होने जा रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी एक ऐसा 'महा-रिकॉर्ड' बनाने जा रहे हैं, जिसने देश के पहले प्रधानमंत्री पंडित जवाहरलाल नेहरू के दशकों पुराने कीर्तिमान को भी पीछे छोड़ दिया है। 10 जून को मोदी लोकतांत्रिक रूप से निर्वाचित होकर लगातार सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री पद पर रहने वाले देश के पहले राजनेता बन जाएंगे।
नेहरू का 4398 दिनों का रिकॉर्ड होगा ध्वस्त
इतिहास के पन्नों को पलटें तो पंडित नेहरू ने अपना पहला लोकसभा चुनाव जीतने के बाद 13 मई, 1952 को शपथ ली थी और अपने निधन तक यानी 27 मई, 1964 तक लगातार 4398 दिनों तक निर्वाचित प्रधानमंत्री के रूप में काम किया था। नरेंद्र मोदी, जिन्होंने 26 मई, 2014 को कार्यभार संभाला था, वह 10 जून को 4399 दिन पूरे कर लेंगे और नेहरू से आगे निकल जाएंगे। इससे पहले वे इंदिरा गांधी के 4077 दिनों के लगातार कार्यकाल के रिकॉर्ड को पहले ही पार कर चुके हैं।
सियासी पिच पर 'मोदी मैजिक' के बड़े आंकड़े:
- लगातार तीन जीत: नेहरू के बाद मोदी पहले ऐसे प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने सत्ता में रहते हुए लगातार तीन लोकसभा चुनाव (2014, 2019 और 2024) जीतकर इतिहास रचा है।
- बहुमत का 'डबल': वे पहले ऐसे गैर-कांग्रेसी प्रधानमंत्री हैं जिन्होंने लगातार दो पूर्ण बहुमत वाले कार्यकाल पूरे किए हैं।
- विदेशी संसदों में गूंज: जहां नेहरू ने अपने जीवनकाल में 3 विदेशी संसदों को संबोधित किया था, वहीं मोदी अब तक 19 विदेशी संसदों को संबोधित कर भारत की कूटनीतिक धमक दिखा चुके हैं।
- सम्मानों की झड़ी: वैश्विक मंच पर मोदी का कद इस बात से समझा जा सकता है कि उन्हें अब तक 30 अंतरराष्ट्रीय और सर्वोच्च सम्मान मिल चुके हैं, जबकि नेहरू को उनके कार्यकाल में 2 विदेशी राजकीय सम्मान मिले थे।
'अंत्योदय' से बदली देश की तस्वीर
मोदी सरकार की नीतियों ने न केवल वैश्विक स्तर पर भारत का मान बढ़ाया है, बल्कि समाज के अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक सुविधाओं को पहुंचाया है। हवाई यात्रा, हाईस्पीड ट्रेनें और एक्सप्रेसवे जैसी चीजें, जो कभी विलासिता मानी जाती थीं, वे आज आम भारतीय के जीवन का हिस्सा बन चुकी हैं। कोविड महामारी और आतंकवाद जैसी वैश्विक चुनौतियों के बीच उनके कुशल नेतृत्व की सराहना आज पूरी दुनिया कर रही है। 10 जून को बनने वाला यह रिकॉर्ड न केवल नरेंद्र मोदी की व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय लोकतंत्र की मजबूती का भी प्रतीक है।