Edited By Ramkesh,Updated: 30 Jun, 2026 01:39 PM

अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। इसी कड़ी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर योगी सरकार पर तंज कसा है। ओवैसी ने कहा कि अगर राम मंदिर...
नेशनल डेस्क: अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले को लेकर अब सियासत तेज हो गई है। इसी कड़ी में ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने मंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर योगी सरकार पर तंज कसा है। ओवैसी ने कहा कि अगर राम मंदिर ट्रस्ट में कोई मुसलमान सदस्य होता तो सरकार उसका एनकाउंटर कर देती और उसके घर पर बुलडोजर चला दिया होता है। उन्होंने कहा कि पुलिस इस मामले में हाई प्रोफाइल आरोपियों की हिरासत तक नहीं मांग रही है। ओवैसी ने ने कहा, 'उन्हें एक मुस्लिम को ट्रस्टी बनाकर मामले को उसके मुठभेड़ और उसके घर को ध्वस्त करके बंद कर देना चाहिए था, लेकिन आरोपी मजे कर रहे हैं।
चंपत राय पर ओवैसी ने कसा तंज
AIMIM प्रमुख ने राम मंदिर ट्रस्ट के महासचिव का जिक्र करते हुए कहा, 'चंपत राय मजे कर रहे हैं। चंपत राय ने दान चोरी का मामला सामने आने के बाद पद से इस्तीफा दे दिया था। ओवैसी ने यूपी सरकार से सवाल किया था कि क्या आरोपियों के घरों पर गोली चलाई जाएगी या बुलडोजर चलाया जाएगा उन्होंने कहा कि आरोपी मुसलमान होता तो उसके घर बुलडोजर चला दिया गया होता।
ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने दिया इस्तीफा
आप को बतादें कि श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय ने नैतिक आधार पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया है और ट्रस्टी अनिल मिश्रा ने भी अपना इस्तीफा सौंप दिया है। ट्रस्ट के सदस्य कृष्ण मोहन की शिकायत पर एफआईआर दर्ज की गई। एफआईआर में आठ व्यक्तियों के नाम हैं- अविनाश शुक्ला, अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, करुणेश पांडे, रामाशंकर मिश्रा, सुभाष श्रीवास्तव और राम शंकर यादव, जिन्हें टिन्नू के नाम से भी जाना जाता है. ये सभी राम मंदिर में दान गिनने वाले कर्मचारी हैं और इन्हें गिरफ्तार कर लिया गया है।
आरोपी 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेजे गए
मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में गिरफ्तार आठ आरोपियों को फिर से 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। इन सभी को सोमवार को मंडलीय कारागार से वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से विशेष अदालत (भ्रष्टाचार रोधी ) के अतिरिक्त जिला न्यायाधीश-5 (एडीजे-5) रजत वर्मा की अदालत में पेश किया गया, जहां से इन्हें 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 जुलाई को निर्धारित की गयी है।
आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये न्यायालय में पेश किया
इस मामले में गिरफ्तार आरोपियों में रामशंकर यादव उफर् टिन्नू ,अनुकल्प मिश्रा, लवकुश मिश्रा, मनीष कुमार यादव, अविनाश शुक्ला, करुणेश पांडेय, रमाशंकर मिश्रा, सुभाष चंद्र श्रीवास्तव शामिल हैं। विशेष लोक अभियोजक (एसपीओ) संजय दूबे ने बताया कि सभी आरोपियों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये न्यायालय में पेश किया गया। सुनवाई के दौरान पुलिस की ओर से किसी भी आरोपी के लिए हिरासत की मांग नहीं की गयी। इसके बाद अदालत ने सभी आरोपियों को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया। इससे पहले 26 जून को गिरफ्तार करने के बाद आरोपियों को अदालत में में पेश किया गया था, जहां से इन्हें 29 जून तक न्यायिक हिरासत में भेजा गया था।
अधिवक्ताओं का समूह ने किया विरोध
जिला प्रशासन को सूचना मिली थी कि अगर आरोपियों को जेल से अदालत में लाकर पेश कराया गया तो अधिवक्ताओं का समूह विरोध कर सकता है। इसके बाद जिला प्रशासन ने जेल परिसर से ही वीडियो कांफ्रेसिंग के माध्यम से आरोपियों को अदालत में पेश किया। बार एसोसिएशन की सोमवार को हुई बैठक में अधिवक्ताओं ने यह भी तय किया कि अगर उसका कोई सदस्य राम मंदिर मामले के आरोपियों का मामले की अदालत में पैरवी की कोशिश करता है, तो उस पर पांच लाख रुपये का जुर्माना लगाया जाएगा। संस्था ने मांग की कि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव - जो सभी मंदिर के प्रबंधन से जुड़े हैं लेकिन जिनका नाम प्राथमिकी में नहीं है - उन्हें अयोध्या "छोड़ देना चाहिए"। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर ये तीनों तीन दिन के भीतर शहर से बाहर नहीं गए, तो पूरे अयोध्या शहर की घेराबंदी कर दी जाएगी और किसी को भी अंदर आने की अनुमति नहीं दी जाएगी। एसोसिएशन के अध्यक्ष कालिका प्रसाद ने कहा कि वे सीबीआई जांच के लिए उच्च न्यायालय भी जाएंगे।