'अमेरिका दे रहा भारत पर दबाव, लेकिन झुकेंगे नहीं PM मोदी', रूस से रिश्तों पर पुतिन की ट्रंप को दो टूक

Edited By Updated: 04 Jun, 2026 11:56 PM

putin bluntly tells trump about relations with russia

रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच से भारत की संप्रभुता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व का लोहा माना है।

इंटरनेशनल डेस्कः रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच से भारत की संप्रभुता और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मजबूत नेतृत्व का लोहा माना है। पुतिन ने दो टूक शब्दों में कहा है कि अमेरिका चाहे जितना भी जोर लगा ले, वह रूस के साथ संबंधों को लेकर भारत पर दबाव नहीं बना सकता। उन्होंने पीएम मोदी को एक ऐसा नेता बताया है जो राष्ट्रीय हितों के साथ कभी समझौता नहीं करते।

'मोदी है तो मुमकिन है': पुतिन ने किया आर्थिक शक्ति का बखान
रूसी राष्ट्रपति ने गुरुवार (4 जून 2026) को भारत की बढ़ती आर्थिक ताकत की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि भारत आज दुनिया की सबसे तेजी से बढ़ने वाली अर्थव्यवस्थाओं में से एक है और यह सफलता भारत के लोगों की कड़ी मेहनत और प्रधानमंत्री मोदी की बेहतरीन रणनीतियों का नतीजा है। पुतिन ने भविष्यवाणी की है कि आने वाले समय में दोनों देशों के बीच द्विपक्षीय व्यापार 100 अरब अमेरिकी डॉलर के जादुई आंकड़े को पार कर जाएगा।

दशकों पुराना है 'अटूट' बंधन
पुतिन ने याद दिलाया कि भारत और रूस का रिश्ता कोई नया नहीं है, बल्कि यह 1947 में आजादी के समय से ही चला आ रहा है जब सोवियत संघ ने भारत को आगे बढ़ाने में हर संभव मदद की थी। उन्होंने कहा कि आज यह 'स्पेशल प्रिविलेज्ड स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप' ऊर्जा और परमाणु ऊर्जा से आगे बढ़कर फार्मास्युटिकल जैसे नए क्षेत्रों में भी विस्तार कर रही है।

अमेरिका की 'तेल नीति' पर करारा प्रहार
पुतिन का यह बयान ऐसे समय में आया है जब अमेरिका ने रूसी तेल खरीदने वाले देशों को दी गई प्रतिबंधों में छूट खत्म करने की धमकी दी है। अमेरिका की दलील है कि यह छूट केवल सीमित समय के लिए थी। हालांकि, भारत ने भी अपना रुख साफ कर दिया है कि देश की ऊर्जा नीति का फैसला किसी विदेशी शक्ति के दबाव में नहीं, बल्कि नई दिल्ली में राष्ट्रीय हितों को ध्यान में रखकर लिया जाएगा।

रूस का साथ, भारत का विकास
पुतिन ने स्पष्ट किया कि भारत के किसी अन्य देश (जैसे अमेरिका) के साथ बढ़ते संबंधों को रूस कभी भी नकारात्मक नजरिए से नहीं देखता। उन्होंने रूस को भारतीय अर्थव्यवस्था में एक बड़े निवेशक के रूप में पेश करते हुए भविष्य के कई दिलचस्प प्रोजेक्ट्स पर साथ काम करने की इच्छा जताई है।

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