बंगाल में भारी बवाल: EVM स्ट्रांग रूम के बाहर धरने पर बैठी TMC, धांधली के आरोपों से गरमाई सियासत, BJP ने कहा, 'यह पूरी तरह से अफवाह है"

Edited By Updated: 30 Apr, 2026 10:41 PM

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पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच कोलकाता में सियासी पारा उस समय चढ़ गया जब सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने ईवीएम (EVM) स्ट्रांग रूम के बाहर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया।

कोलकाता: पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव के बीच कोलकाता में सियासी पारा उस समय चढ़ गया जब सत्ताधारी तृणमूल कांग्रेस (TMC) ने ईवीएम (EVM) स्ट्रांग रूम के बाहर जोरदार प्रदर्शन शुरू कर दिया। टीएमसी नेताओं का आरोप है कि पार्टी प्रतिनिधियों की अनुपस्थिति में ही स्ट्रांग रूम खोले गए और मतपेटियों के साथ छेड़छाड़ की कोशिश की गई।

स्ट्रांग रूम के बाहर धरना
कोलकाता के नेताजी इंडोर स्टेडियम के बाहर बंगाल की मंत्री शशि पांजा और टीएमसी प्रवक्ता कुणाल घोष धरने पर बैठ गए हैं। इन क्षेत्रों में बुधवार को ही मतदान संपन्न हुआ था। खबर है कि मुख्यमंत्री ममता बनर्जी भी जल्द ही इस विरोध प्रदर्शन में शामिल हो सकती हैं। ममता बनर्जी ने पहले ही एक वीडियो संदेश के जरिए कार्यकर्ताओं को ईवीएम में छेड़छाड़ की आशंका जताते हुए सतर्क रहने की चेतावनी दी थी।

टीएमसी के गंभीर आरोप
मंत्री शशि पांजा ने आरोप लगाया कि सीलबंद स्ट्रांग रूम के अंदर 'असामान्य मानवीय गतिविधि' देखी गई है। उन्होंने सवाल उठाया कि जब स्ट्रांग रूम को सुबह ही सील कर दिया गया था, तो उसे दोबारा क्यों खोला गया? टीएमसी नेताओं का दावा है कि सीसीटीवी फुटेज में कुछ लोग अंदर काम करते और गुलाबी रंग के कागज व मतपत्रों के साथ दिखाई दिए हैं। कुणाल घोष ने कहा कि उन्हें अंदर नहीं जाने दिया जा रहा है और न ही इस बारे में कोई पूर्व सूचना दी गई थी।

भाजपा और चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
दूसरी ओर, भाजपा के वरिष्ठ नेता तापस रॉय ने इन आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने इसे टीएमसी द्वारा फैलाया गया "कोरा झूठ" और "अफवाह" करार दिया। वहीं, चुनाव आयोग ने स्पष्ट किया है कि सभी सात विधानसभा क्षेत्रों के स्ट्रांग रूम पूरी तरह सुरक्षित और सीलबंद हैं। आयोग के मुताबिक, जो गतिविधि देखी गई वह डाक मतपत्रों (postal ballots) से संबंधित थी और सभी प्रक्रियाओं का पालन किया जा रहा है।

भारी सुरक्षा बल तैनात
राज्य में तनावपूर्ण स्थिति को देखते हुए चुनाव आयोग ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। नतीजों के बाद संभावित हिंसा को रोकने के लिए केंद्रीय सशस्त्र पुलिस बलों (CAPF) की 700 कंपनियां तैनात रहेंगी। विधानसभा चुनाव की मतगणना 4 मई को होनी तय है।

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