10 साल में 152 पेपर लीक… एक भी इंसान को सजा नहीं; राहुल गांधी का सरकार पर तीखा हमला

Edited By Updated: 17 Jul, 2026 10:25 PM

rahul gandhi s sharp attack on the government in dehradun

: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को जमकर घेरा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में देश में 152 पेपर लीक की घटनाएहुई...

नेशनल डेस्क: कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देहरादून में आयोजित ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के दौरान पेपर लीक के मुद्दे पर केंद्र सरकार को जमकर घेरा। राहुल गांधी ने आरोप लगाया कि पिछले 10 वर्षों में देश में 152 पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिनसे लगभग साढ़े सात करोड़ छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है, लेकिन आज तक एक भी दोषी को सजा नहीं मिली है।

पूरा सिस्टम भ्रष्टाचार में लिप्त
राहुल गांधी ने शिक्षा व्यवस्था पर प्रहार करते हुए कहा कि पेपर लीक की इन घटनाओं में पूरा सिस्टम शामिल है। उन्होंने दावा किया कि इसमें नीचे के स्तर पर कोचिंग सेंटर, फिर माफिया, उसके ऊपर NTA (नेशनल टेस्टिंग एजेंसी) और अंत में मंत्रालय तक की मिलीभगत है। उन्होंने कहा कि भारत में पेपर लीक के लिए हाई टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल हो रहा है, जो देश की शिक्षा व्यवस्था की बदहाली को दर्शाता है।

सिर्फ 150 में से 1 युवा को मिलती है सफलता
छात्रों से संवाद करते हुए राहुल गांधी ने आंकड़ों का हवाला दिया कि देश में 9 करोड़ अभ्यर्थी (Aspirants) हैं, जिनमें से केवल 6 लाख ही सफल हो पाते हैं। उन्होंने कहा कि आज युवाओं के सामने दो रास्ते हैं, पहला ईमानदारी का और दूसरा भ्रष्टाचार व पेपर लीक का। हालांकि देश के 99% छात्र ईमानदार हैं, लेकिन 1% लोग सिस्टम का दुरुपयोग कर बाकी छात्रों की मेहनत का अपमान कर रहे हैं। उन्होंने शिक्षा की भारी कीमत और सीमित अवसरों को छात्रों के साथ होने वाला 'अंतिम अन्याय' करार दिया।

भावुक क्षण: मृतक छात्रा के पिता की आंखों में आए आंसू
कार्यक्रम के दौरान एक अत्यंत भावुक क्षण तब आया जब मंच पर मृतक छात्रा रिया थापा के पिता पहुंचे। उन्होंने रोते हुए बताया कि उनकी बेटी दिन-रात पढ़ाई करती थी, लेकिन पेपर लीक से हताश होकर उसने आत्मघाती कदम उठा लिया। उनकी बातें सुनकर वहां मौजूद सभी लोग भावुक हो गए। राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि यह कोई राजनीतिक बैठक नहीं है, बल्कि यह देश के युवाओं के संघर्ष और उनके भविष्य की चुनौतियों पर चर्चा का एक मंच है।

 

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