Edited By Rahul Rana,Updated: 12 Aug, 2026 01:40 PM

केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को संसदीय नियमों के तहत विस्तृत चर्चा की चुनौती दी है, राहुल गांधी ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए गृह मंत्री के बयान को खारिज कर दिया है।
नई दिल्ली: संसद का मानसून सत्र अपने समापन की ओर बढ़ रहा है, लेकिन लोकसभा में गतिरोध खत्म होने का नाम नहीं ले रहा। संवेदनशील मुद्दे पर चर्चा को लेकर सरकार और विपक्ष के बीच आमना-सामना लगातार तेज होता जा रहा है। एक ओर केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने विपक्ष को संसदीय नियमों के तहत विस्तृत चर्चा की चुनौती दी है, वहीं विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने सरकार पर गंभीर सवाल उठाते हुए गृह मंत्री के बयान को खारिज कर दिया है।
अमित शाह ने चर्चा की बात कही
केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि विपक्ष दोपहर 2 बजे तक लोकसभा अध्यक्ष को चर्चा के लिए पत्र सौंप दे, तो दोपहर 3 बजे से चर्चा शुरू की जा सकती है। उन्होंने कहा कि वह अगले दिन दोपहर 3 बजे तक चर्चा में मौजूद रहकर विपक्ष के हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार हैं।
अमित शाह ने कहा कि संसदीय चर्चा के लिए तय नियम और प्रक्रियाएं हैं। उनके मुताबिक, इतने गंभीर मुद्दे पर केवल एक बयान देने की मांग से समाधान नहीं निकलेगा। उन्होंने विपक्ष से कहा कि संसद में किसी विषय पर विस्तार से चर्चा होती है और सरकार हर सवाल का जवाब देने के लिए तैयार है।
गृह मंत्री ने यहां तक कहा कि यदि लोकसभा अध्यक्ष अनुमति दें तो प्रश्नकाल को स्थगित करके भी चर्चा को पर्याप्त समय दिया जा सकता है। उन्होंने देर रात तक सदन चलाने और अगले दिन दोपहर 3 बजे तक बहस जारी रखने की इच्छा जताई।
'हर बात के नोट्स लूंगा और हर बिंदु का जवाब दूंगा'
गृह मंत्री अमित शाह ने कहा कि वह पूरी चर्चा के दौरान सदन में मौजूद रहेंगे। उन्होंने विपक्ष के हर बिंदु को नोट करने और उसका जवाब देने की बात कही। गृह मंत्री ने विपक्ष के सामने सीधा सवाल रखा कि वह सदन में चर्चा करना चाहता है या फिर हंगामा। सरकार का तर्क है कि गंभीर विषयों पर संसद में नियमों के मुताबिक बहस होनी चाहिए और सभी पक्षों को अपनी बात रखने का अवसर मिलना चाहिए।
राहुल गांधी का पलटवार
लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने अमित शाह के प्रस्ताव पर तीखी प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि विपक्ष ने स्पष्ट कर दिया है कि उसे गृह मंत्री का बयान सुनने में दिलचस्पी नहीं है। राहुल गांधी ने छात्रों पर हुई कथित कार्रवाई को लेकर सरकार से सीधे सवाल किए। उन्होंने पूछा कि छात्रों पर गोली चलाने और कील लगी लाठियों से उन्हें पीटने का आदेश किसने दिया। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि क्या इन कार्रवाइयों का आदेश गृह मंत्री अमित शाह ने दिया था। राहुल गांधी ने कहा कि यदि ऐसा हुआ है तो गृह मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए।
संसद में 'चर्चा या हंगामा' की बहस
सरकार और विपक्ष के बीच टकराव अब केवल मुद्दे तक सीमित नहीं रह गया है। बल्कि संसद में चर्चा के तरीके को लेकर भी राजनीतिक संघर्ष तेज हो गया है। सरकार विस्तृत बहस के लिए तैयार होने का दावा कर रही है, जबकि विपक्ष पहले सरकार से जवाबदेही और स्पष्ट बयान की मांग कर रहा है। संसदीय सत्र का समापन होने वाला है। राजनीतिक टकराव रूक नहीं रहा है।