Edited By Radhika,Updated: 05 Aug, 2026 04:58 PM

BJP ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अपरिपक्व,अंशकालिक और गैर-जिम्मेदार नेता करार देते हुए कहा है कि विपक्ष के नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे संसद में जायें, चर्चा करें, तथ्य पेश करें और सदन में जनता से जुड़े मुद्दे उठायें, लेकिन यह...
नेशनल डेस्क: BJP ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी को अपरिपक्व,अंशकालिक और गैर-जिम्मेदार नेता करार देते हुए कहा है कि विपक्ष के नेताओं की जिम्मेदारी है कि वे संसद में जायें, चर्चा करें, तथ्य पेश करें और सदन में जनता से जुड़े मुद्दे उठायें, लेकिन यह दुर्भाग्य है कि विपक्ष के नेता लोकतंत्र के मंदिर से ही भागते हैं। भाजपा के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने बुधवार को पार्टी मुख्यालय में संवाददाता सम्मेलन में राहुल गांधी पर निशाना साधा और कहा कि कल एक सार्वजनिक कार्यक्रम में राहुल गांधी ने बयान दिया और गैर-जिम्मेदाराना ढंग से कहा कि प्रधानमंत्री कौन होते हैं, जो छात्रों को माफ करें और उसके बाद उन्होंने कहा कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सोच जहरीली है। उन्होंने कहा, 'हम और 1.4 अरब भारतीय भी यह जान गये हैं कि राहुल गांधी को ‘मोदी फोबिया और आरएसएस फोबिया'है। जो लोग अपनी लकीर को बढ़ा नहीं सकते, वे उनके बारे में ऐसे बेतुके बयान देते रहते हैं।'
भाटिया ने कहा कि राहुल गांधी ने कल कहा कि हमारे देश के बच्चे सड़कों पर हैं, उनको भूलने की बीमारी है। वह झारखंड के बारे में बात नहीं करेंगे। झारखंड के मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने भी इस पर एक शब्द नहीं कहा है। वहां भाजपा विपक्ष में है और अपनी ज़म्मिेदारी निभाते हुए कह रही है कि मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) से करायी जानी चाहिए। इस बारे में राहुल गांधी, श्री सोरेन और पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल का क्या कहना है? उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता की जिम्मेदारी है कि वह संसद की कार्यवाही में शामिल हों, बहस करें, तथ्य पेश करें और संसद के सामने जनता से जुड़े मुद्दे उठायें, लेकिन यह दुर्भाग्य है कि विपक्ष के नेता लोकतंत्र के मंदिर में जाने से कतराते हैं। उन्हें इससे डर लगता है। उन्होंने कहा, 'आज हर भारतीय के लिए गर्व और गौरव का क्षण है। इसी दिन यानी पांच अगस्त 2019 को हमारे संविधान में दर्ज अनुच्छेद 370 को जड़ से उखाड़ फेंका गया था। यह ऐतिहासिक कार्य प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने पूरा किया।' उन्होंने कहा कि आज का दिन ऐतिहासिक है, क्योंकि पांच अगस्त 2019 को भारत के संविधान की भावना का सम्मान करते हुए अनुच्छेद 370 को निरस्त किया गया था।
अनुच्छेद 370 की शुरुआत ‘अस्थायी' शब्द से हुई थी, लेकिन इसे हटाने की इच्छाशक्ति किसी में नहीं थी। उन्होंने कहा, 'एक गौरवान्वित भारतीय के रूप में हम उस ऐतिहासिक क्षण को याद करते हैं, जब अनुच्छेद 370 को हटाया गया और संविधान की सच्ची भावना का सम्मान किया गया। गृह मंत्री अमित शाह ने सरदार पटेल जी जैसी इच्छाशक्ति दिखाते हुए यह सुनिश्चित किया कि ऐसा हो। इस दौरान उन्होंने श्री गांधी पर संसद को काम नहीं करने देने का आरोप लगाया और कहा कि एक तरफ श्री मोदी देशहित को सर्वोपरि रखते हैं। वहीं, दूसरी तरफ राहुल गांधी देश को बांटने वाली बातें करते हैं, अराजक तत्वों का साथ देते हैं और खुद भी अराजक हो जाते हैं। श्री भाटिया ने कहा कि श्री मोदी सरकार भगोड़े अपराधियों के प्रति‘शून्य सहिष्णुता' की नीति अपना रही है। उन्होंने बताया कि 2019 से 2026 के बीच, 36 देशों से 274 भगोड़ों को भारत वापस लाया गया है। यहां कानून के तहत उनके खिलाफ कानूनी कार्यवाही चल रही है या शुरू की जाएगी। उन्होंने कहा कि कांग्रेस पार्टी की सरकार में पीएम मोदी जैसी इच्छाशक्ति क्यों नहीं दिखी? 2004 से 2013 के बीच औसतन हर साल चार भगोड़े वापस आये। अब हर साल 40 भगोड़े अपराधियों को वापस लाया जा रहा है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग) सरकार के शासनकाल में 10 वर्षों में केवल 40 अपराधियों को ही वापस लाया गया था। यह दिखाता है कि भारत कितना मजबूत हुआ है और भारत की कानून-व्यवस्था कितनी मजबूत हुई है। श्री मोदी के नेतृत्व में भगोड़ों को वापस लाना एक राष्ट्रीय प्राथमिकता बन गयी है।
भाजपा प्रवक्ता ने बताया कि भारत वापस लाये गये भगोड़ों से लगभग 19,000 करोड़ रुपये वसूल किये गये हैं। यह वह पैसा है, जो वसूल किया गया और लोगों को वापस किया गया। विपक्ष नहीं चाहता कि यह बात देश की जनता के सामने आये। यह सब श्री शाह की वजह से संभव हुआ। इंटरपोल की तरह ही भारतपोल की स्थापना की गयी। यह राज्यों और केंद्र की विभिन्न एजेंसियों के डेटा को एकीकृत करता है। 1400 से अधिक इकाइयां बनायी गयी हैं और डेटा साझा किया जा रहा है। संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन सरकार के कार्यकाल में ऐसा नहीं किया गया था।