Edited By Ramanjot,Updated: 18 Jun, 2026 02:19 PM

रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, देश के बड़े फूड कॉर्पोरेट्स को ऑन-बोर्ड लाने के लिए आईटीसी (ITC), हल्दीराम, एमटीआर (MTR), और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसे स्थापित और भरोसेमंद ब्रांड्स के साथ पार्टनरशिप करने की तैयारी की जा रही है।
नेशनल डेस्क: 'वंदे भारत स्लीपर' ट्रेनों में अब यात्रियों को पारंपरिक भारी-भरकम थाली के बजाय अंतरराष्ट्रीय स्तर का आधुनिक और 'लाइट' भोजन परोसा जाएगा। दरअसल, रेलवे बोर्ड ने वंदे भारत स्लीपर ट्रेन में कैटरिंग सिस्टम को पूरी तरह से 'रेडी-टू-ईट' (Ready-to-Eat) मॉडल पर लागू करने का निर्णय लिया है। हालांकि, इस ट्रेन का कैटरिंग शुल्क राजधानी एक्सप्रेस की तुलना में 25% तक महंगा हो सकता है।
रेलवे बोर्ड यात्रियों को आधुनिक और 'लाइट' भोजन उपलब्ध कराने के लिए देश-विदेश की दिग्गज फूड इंडस्ट्री और टॉप एफएमसीजी (FMCG) ब्रांड्स के साथ हाथ मिलाने जा रहा है। सरकार का लक्ष्य वंदे भारत स्लीपर को महज़ एक ट्रेन न रखकर, उसे जापान की 'शिनकानसेन' और यूरोप की 'यूरोस्टार' जैसी वैश्विक ट्रेनों की लीग में भारत के एक नये सिग्नेचर ब्रांड के रूप में स्थापित करना है।
भरोसेमंद ब्रांड्स के साथ साझेदारी की तैयारी
रेलवे बोर्ड के वरिष्ठ अधिकारियों के अनुसार, देश के बड़े फूड कॉर्पोरेट्स को ऑन-बोर्ड लाने के लिए आईटीसी (ITC), हल्दीराम, एमटीआर (MTR), और टाटा कंज्यूमर प्रोडक्ट्स जैसे स्थापित और भरोसेमंद ब्रांड्स के साथ पार्टनरशिप करने की तैयारी की जा रही है।
सेलिब्रिटी शेफ तैयार कर रहे हैं स्पेशल मेन्यू
देश के नामचीन सेलिब्रिटी शेफ्स एक खास मेन्यू डिजाइन कर रहे हैं, जो रात के सफर के दौरान पेट के लिए हल्का और पौष्टिक होगा। मेन्यू में बाजरा (मिलेट्स) आधारित सूप, सलाद और कॉन्टिनेंटल-इंडियन फ्यूजन व्यंजन शामिल किए जाएंगे।
हाई-स्पीड में भी नहीं छलकेंगे तरल पदार्थ
भोजन को वैक्यूम सील्ड और अंतरराष्ट्रीय हाइजीन मानकों के तहत पैक किया जाएगा। खास तौर इस बात का ध्यान रखा जाएगा कि ट्रेन के हाई-स्पीड में होने पर भी दाल या सूप जैसे तरल पदार्थ बाहर न छलकें। हालांकि, इस पूरे प्रस्ताव पर अभी अंतिम मुहर लगनी बाकी है।